दिल्ली में यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने और जाम की समस्या से लोगों को स्थायी निजात दिलाने के लिए एक बड़ी कार्ययोजना पर काम शुरू किया गया है। राष्ट्रीय राजधानी के पंचा रोड और शाहदरा जीटी रोड पर वाहनों के भारी दबाव को देखते हुए प्रशासन ने यहां पुल और एलिवेटेड रोड बनाने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं। इस महत्वपूर्ण परियोजना के लिए फिजिबिलिटी स्टडी यानी व्यवहार्यता अध्ययन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, जिससे यह तय किया जाएगा कि निर्माण तकनीकी और आर्थिक रूप से किस प्रकार संभव होगा।

शाहदरा जीटी रोड पर असर बॉर्डर से झिलमिल तक एलिवेटेड रोड बनाने का प्रस्ताव, फिजिबिलिटी स्टडी को मिली मंजूरी

प्रशासन द्वारा तैयार किए गए प्रस्ताव के अनुसार, शाहदरा जीटी रोड पर असर बॉर्डर से लेकर झिलमिल तक एक एलिवेटेड रोड बनाने की योजना है। लोक निर्माण विभाग ने इस प्रोजेक्ट की जमीनी हकीकत और संभावनाओं को परखने के लिए फिजिबिलिटी स्टडी को हरी झंडी दे दी है। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य इस बेहद व्यस्त इलाके में ट्रैफिक सिग्नल और भीड़भाड़ की वजह से लगने वाले जाम को खत्म करना है। एलिवेटेड रोड बनने से वाहनों की आवाजाही बिना किसी रुकावट के हो सकेगी और लोगों को अनावश्यक जाम में नहीं फंसना पड़ेगा।

एलिवेटेड रोड बनने से अलग होगा लोकल और गुजरने वाला ट्रैफिक, सुबह-शाम लगने वाले लंबे जाम से मिलेगी मुक्ति

पंचा रोड और जीटी रोड पर मौजूदा स्थिति में ट्रैफिक का दबाव क्षमता से अधिक है। विशेषकर सुबह दफ्तर जाने के समय और शाम को घर वापसी के वक्त यहां गाड़ियों की लंबी कतारें लग जाती हैं। प्रस्तावित योजना के धरातल पर उतरने के बाद, लंबी दूरी तय करने वाले वाहन एलिवेटेड रोड से गुजर सकेंगे, जबकि नीचे की सड़क का इस्तेमाल स्थानीय ट्रैफिक के लिए होगा। इस तरह ट्रैफिक का बंटवारा होने से दबाव कम होगा और यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में कम समय लगेगा।

सड़क की चौड़ाई और ट्रैफिक वॉल्यूम के आकलन के बाद तैयार होगी विस्तृत रिपोर्ट, प्रदूषण कम करने में भी मिलेगी मदद

फिलहाल चल रही फिजिबिलिटी स्टडी के दौरान सड़क की मौजूदा चौड़ाई, वहां के ढांचे, वाहनों की संख्या (ट्रैफिक वॉल्यूम) और निर्माण का आसपास की बस्तियों पर पड़ने वाले असर का बारीकी से अध्ययन किया जाएगा। इस अध्ययन के पूरा होने के बाद ही एक विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की जाएगी। इस परियोजना के दूरगामी फायदे भी देखे जा रहे हैं। माना जा रहा है कि जब गाड़ियां जाम में घंटों खड़ी नहीं रहेंगी और ट्रैफिक स्मूथ चलेगा, तो ईंधन की बचत होगी और इससे वायु प्रदूषण के स्तर में भी कमी आएगी।

GulfHindi Desk

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