विदेश में काम करने वाले भारतीयों और वीज़ा-पासपोर्ट सेवाओं का इंतज़ार कर रहे लोगों के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। Delhi High Court ने विदेश मंत्रालय यानी MEA द्वारा विदेशी कंसुलर, पासपोर्ट और वीज़ा सेवाओं के लिए किए गए तकनीकी मूल्यांकन को रद्द कर दिया है। कोर्ट के इस फैसले के बाद अब पूरी प्रक्रिया को फिर से शुरू करना होगा।
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क्या है कोर्ट का आदेश
15 जुलाई 2026 को आए इस फैसले में कोर्ट ने साफ तौर पर कहा है कि सरकार को सभी चार मिशनों के लिए नए सिरे से Request for Proposal (RFP) जारी करने होंगे। यह काम आदेश की तारीख से एक महीने के भीतर पूरा करने के लिए कहा गया है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि इस पूरी प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूरा करने के लिए सरकार को गंभीर प्रयास करने चाहिए।
प्रवासियों पर क्या असर होगा
इस फैसले के कारण फिलहाल टेंडर की प्रक्रिया में बदलाव आया है। अभी यह एक महीने का समय चल रहा है जिसमें सरकार को नए टेंडर जारी करने हैं। MEA की इस प्रक्रिया के दोबारा शुरू होने से आने वाले समय में वीज़ा और पासपोर्ट से जुड़ी सेवाओं की नई व्यवस्था तैयार होगी। अब सभी की नज़रें इस बात पर टिकी हैं कि सरकार आगे इस दिशा में क्या कदम उठाती है।
