नीट (NEET) पेपर लीक के विरोध में हुए ‘Sansad Chalo’ प्रदर्शन के दौरान फैली हिंसा और उपद्रव को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट ने एक अहम सुनवाई की है। इस मामले में दाखिल की गई एक जनहित याचिका (PIL) पर कोर्ट ने सुनवाई के लिए सहमति दे दी है। याचिकाकर्ता ने मांग की है कि इस पूरे आंदोलन के दौरान हुई तोड़फोड़ और पत्रकारों पर हुए हमलों की जांच National Investigation Agency (NIA) से करवाई जाए।
हिंसा और विदेशी फंडिंग की जांच की मांग
यह याचिका अखिल भारत हिंदू महासभा के पूर्व उपाध्यक्ष Satish Kumar Aggarwal द्वारा दायर की गई है। इसमें आरोप लगाया गया है कि नीट परीक्षा के नाम पर हुए इस प्रदर्शन को राजनीतिक लोगों ने हाइजैक कर लिया था। याचिका में प्रदर्शन के पीछे विदेशी फंडिंग की आशंका जताई गई है, जिसकी जांच की मांग की गई है।
पुलिस की कार्रवाई पर भी कोर्ट का रुख
एक अन्य मामले में, Chief Justice Devendra Kumar Upadhyaya और Justice Tejas Karia की खंडपीठ ने केंद्र सरकार और Delhi Police को नोटिस जारी किया है। यह नोटिस उन याचिकाओं पर दिया गया है जिनमें प्रदर्शन के दौरान पुलिस द्वारा अत्यधिक बल प्रयोग करने का आरोप लगाया गया है। कोर्ट ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि घटना से जुड़े सभी CCTV फुटेज और वीडियो रिकॉर्डिंग को सुरक्षित रखा जाए। कोर्ट ने साफ किया है कि ये कोई अलग-थलग घटनाएं नहीं लग रही हैं और पुलिस को चार सप्ताह के भीतर अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।
