दिल्ली के मालवीय नगर में लगी आग के बाद अब एक नया विवाद खड़ा हो गया है. बांग्लादेश की रहने वाली एक महिला ने आरोप लगाया है कि सरकार ने शव को मुफ्त भेजने का वादा किया था, लेकिन उनसे भारी रकम वसूली गई. इस घटना ने प्रशासन के वादों पर सवाल खड़े कर दिए हैं.
एम्बेसी ने मांगे 1.8 लाख रुपये, महिला का आरोप
मालवीय नगर आग हादसे में बचीं Shamiya Chaudhary ने कहा कि सरकार ने शव को बांग्लादेश मुफ्त भेजने का भरोसा दिया था. लेकिन जब वह एम्बेसी पहुँचीं, तो उनसे 1,80,000 रुपये की माँग की गई. महिला ने सवाल किया है कि जब सब कुछ मुफ्त होना था, तो उनसे पैसे क्यों लिए गए और क्या यह पैसा वापस मिलेगा.
मुख्यमंत्री ने किया था मदद का ऐलान
4 जून 2026 को दिल्ली की मुख्यमंत्री Rekha Gupta ने घोषणा की थी कि मृतकों के परिजनों को 10 लाख रुपये और गंभीर रूप से घायलों को 5 लाख रुपये की आर्थिक मदद दी जाएगी. उन्होंने यह भी कहा था कि शवों को उनके घर भेजने का पूरा इंतज़ाम सरकार करेगी ताकि परिवारों को परेशानी न हो और उन्हें सम्मानजनक तरीके से भेजा जाए.
हादसे की जानकारी और कानूनी कार्रवाई
यह दर्दनाक हादसा 3 जून 2026 को हुआ था. 11 जून तक मरने वालों की संख्या बढ़कर 23 हो गई, जिसमें बांग्लादेशी नागरिक Rehana Akhtar भी शामिल थीं. दिल्ली पुलिस ने इस मामले में लापरवाही और सुरक्षा नियमों की अनदेखी के आरोप लगाए हैं. इस सिलसिले में होटल मालिक Lavkesh Bajaj और अकाउंटेंट Jay Mishra को गिरफ्तार कर 10 जून को 12 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था.
खर्चों का विवरण
इस मामले से जुड़ी आर्थिक जानकारी नीचे दी गई तालिका में देखी जा सकती है:
| विवरण | राशि |
|---|---|
| मृतक के परिवार के लिए सहायता राशि | 10 लाख रुपये |
| गंभीर घायलों के लिए सहायता राशि | 5 लाख रुपये |
| महिला से वसूली गई राशि | 1.8 लाख रुपये |
| अंतरराष्ट्रीय शव परिवहन का सामान्य खर्च | 2 लाख से 20 लाख रुपये |
बता दें कि आमतौर पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शवों को एक देश से दूसरे देश भेजने का खर्च एयरलाइन और एम्बेसी की प्रक्रियाओं के आधार पर काफी ज्यादा होता है.