गाजियाबाद में फर्जी पासपोर्ट मामले में एक बड़ा खुलासा हुआ है। दिल्ली के भीकाजी कामा पैलेस स्थित पासपोर्ट कार्यालय में काम करने वाले क्लर्क पुष्पेंद्र कुमार को 11 फरवरी, 2026 को गिरफ्तार किया गया है। उन पर 22 फर्जी पासपोर्ट जारी करने का आरोप है। यह पूरा रैकेट कई दिनों से चल रहा था, जिसमें कई और लोग शामिल थे।

क्लर्क पुष्पेंद्र कुमार का क्या था काम?

पुष्पेंद्र कुमार दिल्ली के रीजनल पासपोर्ट ऑफिस (RPO) में पुलिस वेरिफिकेशन डेस्क संभालते थे। उनका काम फर्जी दस्तावेजों और गलत पतों पर भी पासपोर्ट की फाइलें आगे बढ़ाना था। इस काम के लिए उन्हें हर पासपोर्ट के बदले ₹1,000 मिलते थे। एजेंट विवेक गांधी ने उन्हें एक फर्जी सिम और मोबाइल उपलब्ध कराया था, जिससे वे ‘श्याम’ नाम से संपर्क में रहते थे और अपनी पहचान छुपाते थे।

इस मामले में अब तक कितने लोग पकड़े गए?

इस फर्जी पासपोर्ट रैकेट में अब तक कुल 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इनमें मुख्य एजेंट विवेक गांधी और प्रकाश सुब्बा भी शामिल हैं। मोदीनगर/भोजपुर पोस्ट ऑफिस का डाकिया अरुण कुमार भी पकड़ा गया है, जिसने पासपोर्ट की डिलीवरी गलत पतों पर मोड़ने का काम किया था। पुलिस ने एजेंट विवेक गांधी और डाकिया अरुण कुमार की पुलिस कस्टडी रिमांड (PCR) के लिए अदालत में अर्जी दी है, जिसकी सुनवाई 13 फरवरी, 2026 को होगी। एक पुलिस सिपाही दीपक कुमार अभी फरार है, जिस पर बिना मौके पर जाए वेरिफिकेशन क्लियर करने का आरोप है।

फर्जी पासपोर्ट के लिए कितनी रिश्वत ली जाती थी?

इस पूरे रैकेट में पैसों का बड़ा खेल था। क्लर्क पुष्पेंद्र कुमार को हर पासपोर्ट के लिए ₹1,000 मिलते थे। डाकिया अरुण कुमार को पासपोर्ट की गलत डिलीवरी के लिए ₹2,000 दिए जाते थे। एजेंट आवेदकों से एक फर्जी पहचान या पते पर पासपोर्ट जारी करवाने के लिए ₹1 लाख से ₹1.5 लाख तक वसूलते थे। जांच में यह भी सामने आया है कि सब-इंस्पेक्टरों के लॉगिन आईडी का गलत इस्तेमाल करके डिजिटल वेरिफिकेशन रिपोर्ट क्लियर की जाती थी। इस लापरवाही के लिए भोजपुर SHO और 8 सब-इंस्पेक्टरों सहित कुल 11 पुलिसकर्मियों को “लाइन-हाजिर” किया गया है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.