Delhi NCR Minimum Wage: दिल्ली एनसीआर में 26,000 रुपये न्यूनतम वेतन की मांग, एमए बेबी ने पीएम मोदी को लिखा पत्र

दिल्ली एनसीआर में काम करने वाले मज़दूरों के लिए एक बड़ी खबर आई है। सीपीआई(एम) के महासचिव एमए बेबी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर सभी मज़दूरों के लिए एक समान न्यूनतम वेतन तय करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि बढ़ती महंगाई को देखते हुए अब 26,000 रुपये महीना वेतन देना समय की ज़रूरत है ताकि मज़दूर अपना गुज़ारा कर सकें।

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एमए बेबी ने पीएम मोदी से क्या मांग की?

एमए बेबी ने 18 अप्रैल 2026 को पीएम मोदी को पत्र लिखा। इसमें उन्होंने मांग की कि दिल्ली एनसीआर के पूरे इलाके में कम से कम 26,000 रुपये महीना न्यूनतम वेतन मिले। उन्होंने यह भी कहा कि मज़दूरों और ट्रेड यूनियन नेताओं को झूठे केसों में फंसाना और उन्हें डराना-धमकाना तुरंत बंद किया जाना चाहिए। उन्होंने हिरासत में लिए गए मज़दूरों को रिहा करने की अपील भी की है।

अभी क्या है न्यूनतम वेतन और नियम?

अलग-अलग राज्यों में न्यूनतम वेतन अलग-अलग है, जिससे मज़दूरों के बीच असमानता है। दिल्ली में वेतन स्किल के हिसाब से तय होता है और साल में दो बार संशोधित किया जाता है। वर्तमान स्थिति इस प्रकार है:

विवरण वेतन/जानकारी
उत्तर प्रदेश न्यूनतम वेतन 11,314 रुपये से शुरू
दिल्ली न्यूनतम वेतन (अकुशल) 18,456 रुपये (अप्रैल 2025)
दिल्ली न्यूनतम वेतन (स्नातक और ऊपर) 24,356 रुपये (अप्रैल 2025)
दिल्ली वेतन रेंज (अप्रैल 2026) 19,800 से 26,500 रुपये
CITU की प्रस्तावित न्यूनतम राशि 23,196 रुपये
वेतन संशोधन का समय साल में दो बार (अप्रैल और अक्टूबर)
मुख्य नियम Minimum Wages (Delhi) Amendment Act, 2017

मज़दूरों के विरोध और सरकारों की भूमिका

एमए बेबी ने उत्तर प्रदेश और हरियाणा सरकारों की कड़ी आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि मज़दूरों की समस्याओं को सुलझाने के बजाय इन सरकारों ने पुलिस बल का इस्तेमाल किया और प्रदर्शनकारियों का दमन किया। वहीं Center of Indian Trade Unions (CITU) ने भी एनसीआर में एक समान न्यूनतम वेतन की मांग को तेज़ कर दिया है। मज़दूर अब जिला कलेक्टर कार्यालयों पर बड़े प्रदर्शन की तैयारी कर रहे हैं।