दिल्ली में यमुना नदी पार करने वाली ट्रेनों की रफ्तार अब बढ़ने वाली है। ऐतिहासिक और पुराने लोहा पुल (Old Yamuna Bridge) के ठीक बगल में बनकर तैयार हुए नए रेलवे पुल को परिचालन के लिए हरी झंडी मिलने की तैयारी पूरी हो चुकी है। रेलवे सुरक्षा आयुक्त (CRS) द्वारा किए गए गहन निरीक्षण में पुल को सुरक्षित पाया गया है, जिसके बाद अब इसके उद्घाटन का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है। रेलवे बोर्ड से अंतिम अनुमति मिलते ही इस महत्वपूर्ण रेल लिंक को यातायात के लिए खोल दिया जाएगा।

तकनीकी बाधाएं नहीं आईं तो जनवरी के अंतिम सप्ताह या फरवरी की शुरुआत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कर सकते हैं उद्घाटन

इस नए पुल के शुरू होने का इंतजार लाखों यात्री कर रहे हैं। योजना के मुताबिक, यदि कोई अंतिम समय में तकनीकी अड़चन नहीं आई, तो जनवरी के आखिरी हफ्ते या फरवरी की शुरुआत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस पुल का लोकार्पण कर सकते हैं। इस नए पुल के चालू होते ही दिल्ली से गुजरने वाली ट्रेनों, विशेषकर यमुना पार करने वाली रेलगाड़ियों की आवाजाही पहले से कहीं अधिक सुचारू हो जाएगी और यात्रियों को अनावश्यक देरी का सामना नहीं करना पड़ेगा।

अंग्रेजों के जमाने के 150 साल पुराने ‘लोहा पुल’ का मिल गया विकल्प, अब ट्रेनों की रफ्तार पर नहीं लगेगा ब्रेक

गौरतलब है कि अभी तक ट्रेनें जिस पुराने लोहा पुल से गुजरती हैं, वह 19वीं सदी का बना हुआ है और उसकी उम्र 150 साल से भी अधिक हो चुकी है। सुरक्षा कारणों के चलते पुराने पुल पर ट्रेनों की गति बेहद सीमित रखनी पड़ती है, जिससे अक्सर ट्रेनों की कतार लग जाती है। साथ ही, इसके रखरखाव में रेलवे को भारी खर्च उठाना पड़ता है। नए पुल के चालू होने से पुराने पुल पर से भार कम होगा और नई तकनीक से बने इस पुल पर ट्रेनें अपनी पूरी क्षमता और अधिक गति के साथ दौड़ सकेंगी।

दिल्ली से यूपी, बिहार और पूर्वी भारत जाने वाली ट्रेनों का सफर होगा आसान, लेटलतीफी की समस्या से मिलेगी बड़ी राहत

यह नया पुल रेलवे नेटवर्क के लिए एक बड़ी उपलब्धि है, जो खासतौर पर दिल्ली से उत्तर प्रदेश, बिहार और पूर्वी भारत की ओर जाने वाली ट्रेनों के लिए लाइफलाइन साबित होगा। अक्सर पुरानी दिल्ली और शाहदरा के बीच पुल की क्षमता कम होने के कारण ट्रेनों को आउटर पर रुकना पड़ता था। इस नए पुल के शुरू होने से न केवल ट्रेनों की समयबद्धता (Punctuality) में सुधार आएगा, बल्कि भीड़भाड़ और घंटों की देरी जैसी समस्याओं में भी भारी कमी देखने को मिलेगी।

GulfHindi Desk

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