20 जुलाई 2026 को दिल्ली में NEET पेपर लीक के विरोध में प्रदर्शन कर रहे लोगों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। Cockroach Janta Party (CJP) के नेतृत्व में छात्र, अभिभावक और वरिष्ठ नागरिक केंद्रीय शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan के इस्तीफे की मांग को लेकर संसद की ओर मार्च कर रहे थे। प्रदर्शनकारियों को मंडी हाउस, पटेल चौक, जनपथ और जंतर-मंतर जैसे प्रमुख इलाकों से हिरासत में लिया गया।
👉: सऊदी अरब में पर्यटन का बढ़ा आंकड़ा, घरेलू यात्रियों की संख्या में 16 फीसदी का इजाफा।
संसद के मानसून सत्र के दौरान सुरक्षा सख्त
पुलिस ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू की थी, जिसके तहत पांच या उससे अधिक लोगों के जमा होने पर रोक थी। कई जगहों पर प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज का सहारा लिया। इस दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाकर्मियों के घायल होने की सूचना भी मिली है। एहतियात के तौर पर सेंट्रल दिल्ली के कुछ हिस्सों में मोबाइल इंटरनेट सेवा को भी बंद किया गया था।
मुलाकात और सरकार का रुख
प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे और भारी पुलिस बल की तैनाती की गई थी। हिरासत में लिए गए लोगों को अलग-अलग स्थानों पर भेजा गया और चेतावनी देकर छोड़े जाने की उम्मीद है। इसी बीच CJP का एक प्रतिनिधिमंडल केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री J.P. Nadda से मिला, जिन्होंने मांगों पर चर्चा का आश्वासन दिया है। प्रधानमंत्री Narendra Modi ने संसद के सुचारू संचालन की अपील की है, जबकि विपक्षी सांसदों ने सदन में NEET मुद्दे को प्रमुखता से उठाया है। कार्यकर्ता Sonam Wangchuk को भी भूख हड़ताल के दौरान अस्पताल ले जाया गया, जहां से उन्होंने मार्च में शामिल होने की इच्छा जताई थी।
