दिल्ली में बढ़ती गर्मी और हीटस्ट्रोक के खतरे को देखते हुए सरकार ने स्कूलों के लिए कड़े निर्देश जारी किए हैं. अब सरकारी और प्राइवेट दोनों स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा के लिए खास इंतजाम किए जा रहे हैं. शिक्षा विभाग ने ‘Beat the Heat’ कैंपेन शुरू किया है ताकि बच्चों को लू और डिहाइड्रेशन से बचाया जा सके.
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बच्चों को हाइड्रेटेड रखने के लिए क्या नियम आए हैं?
स्कूलों में अब ‘वॉटर बेल’ सिस्टम लागू किया गया है, जिसमें हर 45 से 60 मिनट में घंटी बजेगी ताकि बच्चे पानी पी सकें. इसके अलावा, बच्चों के लिए ORS (ओआरएस) पीना अनिवार्य कर दिया गया है और आखिरी पीरियड से पहले इसके लिए समय दिया जाएगा. स्कूलों में मिट्टी के बर्तनों में ठंडा पानी उपलब्ध कराया जाएगा और बच्चों को अपनी पानी की बोतल साथ लाने की सलाह दी गई है.
आउटडोर एक्टिविटी और क्लासरूम में क्या बदलाव हुए हैं?
गर्मी से बचाने के लिए सुबह की प्रार्थना सभा और खेलकूद की गतिविधियों को बाहर से हटाकर क्लासरूम या छायादार जगहों पर शिफ्ट कर दिया गया है. खुले मैदान में क्लास लेना पूरी तरह प्रतिबंधित है. इसके साथ ही, बच्चों की सुरक्षा के लिए ‘बडी सिस्टम’ शुरू किया गया है, जिसमें दो बच्चे एक-दूसरे की सेहत पर नज़र रखेंगे. छोटे बच्चों (कक्षा 1 से 8) के लिए स्थिति बिगड़ने पर 14 मई से स्कूल जल्दी बंद करने पर भी विचार किया जा रहा है.
अभिभावकों और शिक्षकों के लिए क्या निर्देश हैं?
माता-पिता से कहा गया है कि वे बच्चों को हल्के रंग के सूती कपड़े पहनाकर भेजें और उन्हें टोपी या छाता साथ रखने को कहें. शिक्षकों को निर्देश मिला है कि वे बच्चों में हीटस्ट्रोक के लक्षणों की निगरानी करें. दिल्ली नगर निगम (MCD) के 1,500 से ज्यादा प्राथमिक स्कूलों में ये नियम लागू किए गए हैं. दिल्ली नगर निगम की शिक्षा समिति के अध्यक्ष योगेश वर्मा ने छात्र सुरक्षा को प्राथमिकता देने के आदेश दिए हैं. सभी स्कूलों को 2 मई 2026 तक अपनी अनुपालन रिपोर्ट जमा करनी होगी.
Frequently Asked Questions (FAQs)
दिल्ली के स्कूलों में ‘वॉटर बेल’ सिस्टम क्या है?
यह एक ऐसी व्यवस्था है जिसमें हर 45-60 मिनट में घंटी बजाई जाएगी ताकि बच्चे नियमित रूप से पानी पी सकें और शरीर में पानी की कमी न हो.
बच्चों की ड्रेस को लेकर क्या सलाह दी गई है?
अभिभावकों को सलाह दी गई है कि वे बच्चों को हल्के रंग के सूती कपड़े पहनाकर भेजें, जिससे गर्मी कम लगे और पसीना सोख सके.