उत्तर और उत्तर-पश्चिम भारत में कड़ाके की ठंड और घने कोहरे ने आम जनजीवन को पूरी तरह से अपनी चपेट में ले लिया है। शनिवार की सुबह इस सीजन की सबसे सर्द सुबह साबित हुई, जिसने लोगों को ठिठुरने पर मजबूर कर दिया। बर्फीली हवाओं के चलते मैदानी इलाकों में तापमान तेजी से लुढ़का है, वहीं पहाड़ी क्षेत्रों में हालात और भी ज्यादा गंभीर हो गए हैं। मौजूदा मौसम को देखते हुए अगले दो दिनों के लिए अलर्ट जारी किया गया है, जिससे फिलहाल ठंड से राहत मिलने की उम्मीद कम ही नजर आ रही है।

राजधानी दिल्ली में सीजन की सबसे सर्द सुबह, पारा लुढ़ककर 4.2 डिग्री पर पहुंचा और कोहरे ने थामी रफ्तार

देश की राजधानी दिल्ली में शनिवार को न्यूनतम तापमान 4.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य तापमान से करीब 2.7 डिग्री कम है। यह इस सीजन का अब तक का सबसे कम तापमान है। सुबह के समय दिल्ली के कई इलाकों में घना कोहरा छाया रहा, जिसके चलते पालम क्षेत्र में दृश्यता (विजिबिलिटी) घटकर महज 50 मीटर रह गई। घने कोहरे और कम दृश्यता का सीधा असर यातायात पर पड़ा है। सड़कों पर गाड़ियां रेंगती हुई नजर आईं, जबकि रेल यातायात और कुछ उड़ानों के संचालन में भी बाधा उत्पन्न हुई है।

पंजाब, हरियाणा और यूपी समेत कई राज्यों में शीतलहर का प्रकोप, 5 डिग्री से नीचे पहुंचा तापमान

ठंड का यह कहर सिर्फ दिल्ली तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरा उत्तर भारत इसकी चपेट में है। पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, चंडीगढ़ और पश्चिम बंगाल में शीतलहर (कोल्ड वेव) का असर लगातार जारी है। इन राज्यों के कई शहरों में तापमान 5 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया है, जिससे लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। हाड़ कंपा देने वाली सर्दी के कारण लोग घरों में दुबकने को मजबूर हैं और अलाव का सहारा ले रहे हैं।

पहाड़ों पर जम गया पानी, श्रीनगर में पाइपलाइन जाम होने से लोगों के सामने खड़ा हुआ पेयजल का संकट

मैदानी इलाकों की तरह पहाड़ी क्षेत्रों में भी सर्दी ने अपना प्रचंड रूप दिखाना शुरू कर दिया है। श्रीनगर में कड़ाके की ठंड के कारण तापमान शून्य से इतना नीचे चला गया कि वहां पानी की सप्लाई करने वाली पाइपलाइनें जम गई हैं। पाइपलाइनों में पानी जमने से स्थानीय लोगों को पानी की भारी किल्लत का सामना करना पड़ा है। प्रशासन ने स्थिति को संभालने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करने की कोशिश की है, लेकिन गिरते तापमान ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है।

अगले 48 घंटों में और बढ़ सकती है ठिठुरन, बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह

आने वाले दिनों में मौसम का मिजाज और भी सख्त होने वाला है। अगले 48 घंटों में ठंड और बढ़ने की आशंका जताई गई है। ठंडी हवाओं और घने कोहरे का यह दौर अभी थमने वाला नहीं है। मौसम की गंभीरता को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। विशेष रूप से बुजुर्गों, बच्चों और पहले से बीमार व्यक्तियों को ठंड से बचने और सुबह-शाम के समय घर से बाहर न निकलने की हिदायत दी गई है, ताकि किसी भी तरह की स्वास्थ्य समस्या से बचा जा सके।

GulfHindi Desk

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