देवघर के लोगों के लिए बहुत बड़ी खुशखबरी है। अब विदेश जाने के लिए वीज़ा बनवाने के लिए दिल्ली या कोलकाता जैसे बड़े शहरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। संताल परगना क्षेत्र में पहली बार एक इंटरनेशनल वीज़ा सेंटर खुलने जा रहा है, जिससे लाखों लोगों का समय और पैसा बचेगा।
किन देशों के लिए मिलेगा वीज़ा और कब खुलेगा सेंटर?
गोड्डा सांसद डॉ. निशिकांत दुबे ने 7 मई 2026 को जानकारी दी कि यह सेंटर अक्टूबर या नवंबर 2026 तक खुल जाएगा। यह केंद्र उन लोगों के लिए मददगार होगा जो टूरिज्म या पढ़ाई के लिए विदेश जाना चाहते हैं। यहाँ से लोग मुख्य रूप से इन देशों के वीज़ा के लिए आवेदन कर सकेंगे:
- दुबई (UAE)
- कुवैत
- सिंगापुर
- थाईलैंड (बैंकॉक)
- मलेशिया
केंद्रीय विदेश मंत्रालय ने इस प्रस्ताव को पहले ही मंजूरी दे दी है, जिससे अब आवेदन की प्रक्रिया आसान हो जाएगी।
देवघर एयरपोर्ट पर क्या बड़े बदलाव हो रहे हैं?
वीज़ा सेंटर के साथ-साथ देवघर एयरपोर्ट का भी विस्तार किया जा रहा है। केंद्र सरकार ने इसके लिए 450 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं और जल्द ही निर्माण कार्य के लिए टेंडर मांगे जाएंगे। हवाई सेवाओं में भी बड़ा सुधार हुआ है:
- मुंबई और कोलकाता के लिए जो फ्लाइट्स हफ्ते में एक बार चलती थीं, वे अब रोज़ाना चलेंगी।
- जल्द ही हैदराबाद, सूरत और गुवाहाटी के लिए भी सीधी फ्लाइट्स शुरू होंगी।
- यह एयरपोर्ट जुलाई 2022 में चालू हुआ था, जिसे AAI, DRDO और झारखंड सरकार ने मिलकर बनाया है।
किन राज्यों के लोगों को होगा इसका सबसे ज़्यादा फायदा?
इस सुविधा से सिर्फ झारखंड के लोग ही नहीं, बल्कि पड़ोसी राज्यों के निवासी भी लाभ उठा पाएंगे। मुख्य रूप से बिहार, ओडिशा और छत्तीसगढ़ के लोगों को अब बड़े शहरों की दौड़ नहीं लगानी होगी। जमशेदपुर जैसे औद्योगिक शहरों के लोग भी अब आसानी से देवघर आकर अपने वीज़ा का काम पूरा करवा सकेंगे।
Frequently Asked Questions (FAQs)
देवघर इंटरनेशनल वीज़ा सेंटर कब तक शुरू होगा?
गोड्डा सांसद डॉ. निशिकांत दुबे के अनुसार यह सेंटर अक्टूबर या नवंबर 2026 तक शुरू होने की उम्मीद है।
इस सेंटर से किन देशों के वीज़ा के लिए अप्लाई किया जा सकता है?
यहाँ से दुबई, कुवैत, सिंगापुर, मलेशिया और थाईलैंड जैसे देशों के लिए टूरिज्म और स्टडी वीज़ा का आवेदन किया जा सकेगा।
देवघर एयरपोर्ट के विस्तार के लिए कितना फंड मिला है?
केंद्र सरकार ने देवघर एयरपोर्ट के विस्तार के लिए 450 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं।