Dubai Financial Centre में बड़ा बदलाव, DFSA ने लाए नए नियम और AI तकनीक से कामकाज को बनाया आसान.

Aanya10 August 20262 min read74 viewsUAE
Dubai Financial Centre में बड़ा बदलाव, DFSA ने लाए नए नियम और AI तकनीक से कामकाज को बनाया आसान.

दुबई इंटरनेशनल फाइनेंशियल सेंटर यानी DIFC में कामकाज को और बेहतर और तेज बनाने के लिए Dubai Financial Services Authority ने कई बड़े कदम उठाए हैं। अगस्त 2026 में सामने आई रिपोर्ट्स के मुताबिक, अथॉरिटी ने नियमों को आसान बनाने के साथ-साथ डिजिटल एसेट्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI का दायरा अपने कामकाज में बढ़ा दिया है। इस बदलाव से वहां काम करने वाली कंपनियों और निवेशकों को काफी फायदा मिलने की उम्मीद है, जिससे दुबई की वित्तीय बाजार में पकड़ और मजबूत होगी।

यूएई के नेशनल प्रोजेक्ट के तहत हो रहा है काम

यह पूरा बदलाव यूएई सरकार के एक बड़े नेशनल प्रोजेक्ट का हिस्सा है, जिसे 'agentic AI project' कहा जाता है। इस प्रोजेक्ट का मुख्य लक्ष्य अगले दो सालों के भीतर देश के 50 प्रतिशत सरकारी कामकाज और सेवाओं को AI आधारित मॉडलों पर शिफ्ट करना है। इसी कड़ी में 9 अगस्त 2026 को एक खास वर्कशॉप का आयोजन किया गया था, जिसमें सौ से ज्यादा फेडरल अधिकारियों ने हिस्सा लिया और रणनीतिक सरकारी कामों में AI के इस्तेमाल की शुरुआत की गई। सरकार का यह साफ मानना है कि तकनीक अपनी जगह है लेकिन इंसानी समझ सबसे ऊपर रहती है।

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क्रिप्टो और स्थिर सिक्कों के नियमों में बदलाव

बीते कुछ समय में DFSA ने वित्तीय बाजार को सुरक्षित और आधुनिक बनाने के लिए कई कड़े कदम उठाए हैं। जनवरी 2026 से लागू हुए नए क्रिप्टो टोकन नियमों के तहत लाइसेंस प्राप्त कंपनियों को सख्त जोखिम प्रबंधन दिशा-निर्देशों के दायरे में रहकर टोकन का मूल्यांकन करने की अधिक जिम्मेदारी दी गई है। इसके अलावा, अथॉरिटी ने DIFC के भीतर वित्तीय सेवाओं के लिए तीन फिएट-बैक्ड स्थिर सिक्कों यानी stablecoins को मान्यता दी है। साथ ही, सिक्योरिटीज के नियमों में संशोधन करके उन्हें केवल DIFC- आधारित जारी करने तक सीमित कर दिया गया है, जिससे निवेशकों की सुरक्षा भी बनी रहे और काम में कोई रुकावट न आए।

अधिकारियों ने दी जानकारी और भविष्य की योजनाएं

अपनी इस प्रक्रिया को और पारदर्शी बनाने के लिए DFSA ने मिनिस्ट्री ऑफ इकॉनमी एंड टूरिज्म के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं, जिससे सूचनाओं का आदान-प्रदान और आसान हो जाएगा। DFSA के चीफ एग्जीक्यूटिव Mark Steward ने बताया कि उनकी संस्था पिछले 21 सालों के मजबूत आधार पर आगे बढ़ रही है और जोखिम आधारित दृष्टिकोण अपना रही है जिससे बाजार में लचीलापन और पारदर्शिता बनी रहे। वहीं कैबिनेट मामलों की उप मंत्री Huda Al Hashimi ने स्पष्ट किया कि हाल ही में हुई वर्कशॉप भविष्य की प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम है। इस पूरी प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी आप ANI News की रिपोर्ट में देख सकते हैं।

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