गुरुवार को भारतीय केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि उन्होंने सऊदी अरब के इकोनॉमी एंड प्लानिंग मिनिस्टर फैसल बिन फदल अल-इब्राहिम के साथ बैठक की। अपने ऑफिशियल एक्स अकाउंट्स पर पोस्ट करते हुए केंद्रीय मंत्री ने लिखा, “भारत-सऊदी अरब संबंधों को मजबूत करने पर चर्चा हुई, जिसमें हमारे व्यापार और निवेश साझेदारी को बढ़ाने और फार्मास्यूटिकल्स, पेट्रोलियम और सिरेमिक जैसे प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग पर ध्यान केंद्रित किया गया।”

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने फैसल बिन फदल अल-इब्राहिम को जल्द ही भारत आने का निमंत्रण भी दिया। गोयल ने कहा कि हमें दोनों देशों के लिए आगे की विकास संभावनाओं पर पूरा भरोसा है। सऊदी और भारत के बीच के  रिश्ते काफी मजबूत हैं दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंध भी बहुत शानदार हैं। सऊदी भारत के लिए ऊर्जा का प्रमुख स्त्रोत है। दोनों देशों के बीच वित्त वर्ष 2023-24 में 42.98 अरब डॉलर तक पहुंच गया है। सऊदी अरब को भारत का निर्यात 11.56 अरब डॉलर रहा, जबकि आयात 31.42 अरब डॉलर तक पहुंच गया।

निर्यात को बढ़ावा देने पर हुई चर्चा 

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने जानकारी दी कि सऊदी के साथ निर्यात को बढ़ावा देने पर भी चर्चा हुई। उन्होंने अपने एक्स पोस्ट में लिखा, सक्रिय बाजार जुड़ाव, बेहतर व्यापार जानकारी और भारतीय निर्यातकों के साथ घनिष्ठ सहयोग की आवश्यकता पर जोर दिया गया। फैसल बिना से हुई बातचीत के दौरान पीयूष गोयल ने नए निर्यात अवसरों की पहचान करने, गैर-शुल्क बाधाओं को दूर करने और दूतावासों व उद्योग के बीच संचार को मजबूत करने के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने व्यापार, टेक्नोलॉजी, पर्यटन और निवेश प्रोत्साहन में मिशनों की भूमिका दोहराई और वैश्विक पहुंच को अधिकतम करने के लिए ट्रेड कनेक्ट के माध्यम से मजबूत रिपोर्टिंग का आह्वान किया।

गौरतलब है कि अमेरिकी टैरिफ में बढ़ोतरी और भू-राजनीतिक तनावों से उत्पन्न वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद, जून 2025 में भारत का कुल वस्तु और सेवाओं का निर्यात 67.98 अरब डॉलर तक पहुंच गया, जो पिछले साल के इसी महीने के आंकड़ों की तुलना में 6.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी को दर्शाता है।