मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और हवाई क्षेत्र (Airspace) बंद होने की वजह से हजारों यात्री कतर के एयरपोर्ट पर फंसे हुए हैं। चेन्नई से बार्सिलोना की यात्रा पर निकले वरुण कृष्णन नाम के एक भारतीय यात्री ने दोहा में फंसने के बाद रेगिस्तान के रास्ते रियाद तक का सफर तय किया। यह रास्ता अब उन लोगों के लिए सबसे सुरक्षित विकल्प बनकर उभरा है जो कतर से बाहर निकलना चाहते हैं क्योंकि वहां की हवाई सेवाएं फिलहाल संकट में हैं।

कतर से बाहर निकलने के लिए सड़क मार्ग क्यों बना मजबूरी?

ईरान और इराक के हवाई क्षेत्र बंद होने के कारण Qatar Airways और अन्य एयरलाइंस की उड़ानें बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। दोहा के हमद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर भीड़ बढ़ने और उड़ानें रद्द होने के बाद यात्रियों ने सऊदी अरब का रुख किया है। रियाद का एयरपोर्ट फिलहाल अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए एक स्थिर केंद्र बना हुआ है। कतर और सऊदी अरब के बीच सड़क मार्ग का उपयोग करके यात्री रियाद पहुंच रहे हैं, जहां से उन्हें अपने देश लौटने के लिए राहत उड़ानें (Relief Flights) मिल रही हैं।

एयरलाइंस के नियम और दूतावास की नई एडवाइजरी

भारतीय दूतावास ने कतर में फंसे कम समय के यात्रियों के लिए एक आधिकारिक पोर्टल लॉन्च किया है, जिस पर रजिस्ट्रेशन करना अनिवार्य है। एयरलाइंस ने भी यात्रियों को राहत देने के लिए रिफंड और री-बुकिंग के नियमों में बदलाव किए हैं।

सुविधा/क्षेत्र वर्तमान स्थिति और नियम
ईरान और इराक एयरस्पेस पूरी तरह बंद (मार्च 11 तक)
सऊदी और ओमान एयरस्पेस सीमित उड़ानों के लिए खुला
Qatar Airways रिफंड 7 दिनों में पूरा रिफंड मिलेगा
राहत उड़ान केंद्र मस्कट और रियाद से संचालन
Air India री-बुकिंग कोई अतिरिक्त फीस नहीं ली जाएगी
भारतीय दूतावास पोर्टल पर सेल्फ-रजिस्ट्रेशन जरूरी

मिडिल ईस्ट में चल रहे इस संकट की वजह से मार्च के पहले हफ्ते में ही लगभग 1800 उड़ानें रद्द हुई हैं। इसका सीधा असर दुबई और दोहा जैसे बड़े ट्रांजिट हब पर पड़ा है। जानकारों का कहना है कि जब तक हवाई क्षेत्र दोबारा नहीं खुलते, तब तक रियाद जाने वाला रेगिस्तानी रास्ता ही विदेशी नागरिकों के लिए बाहर निकलने का सबसे सुरक्षित जरिया बना रहेगा।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.