अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान को लेकर एक कड़ा रुख अपनाते हुए बड़ा बयान दिया है। उन्होंने साफ कर दिया है कि जब तक दोनों देशों के बीच एक ठोस और पक्का समझौता नहीं हो जाता और उसका पूरी तरह पालन नहीं होता, तब तक अमेरिकी सेना, जहाज़ और विमान ईरान के आसपास ही तैनात रहेंगे। हालांकि दोनों देशों के बीच दो हफ़्ते के युद्धविराम की बात हुई थी, लेकिन अमेरिका अपनी सैन्य चौकसी ज़रा भी कम करने के मूड में नहीं दिख रहा है।

युद्धविराम और बातचीत का क्या है पूरा मामला?

  • 7 अप्रैल 2026 को अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ़्ते के युद्धविराम पर सहमति बनी थी।
  • इस समझौते के तहत ईरान को Strait of Hormuz से अपना ब्लॉकहेड हटाना था।
  • दोनों देशों के बीच 10 अप्रैल शुक्रवार से पाकिस्तान के इस्लामाबाद में शांति वार्ता शुरू होनी है।
  • यह बातचीत दो हफ्ते तक चलेगी ताकि युद्ध को खत्म करने का कोई स्थाई रास्ता निकाला जा सके।
  • अमेरिका के रक्षा सचिव Pete Hegseth ने कहा है कि युद्धविराम सिर्फ एक ‘पॉज’ है और उनकी सेना किसी भी समय कार्रवाई के लिए तैयार है।

क्या ईरान और अमेरिका के बीच तनाव फिर बढ़ रहा है?

युद्धविराम लागू होने के बावजूद ज़मीनी हालात अभी भी काफी तनावपूर्ण बने हुए हैं। 9 अप्रैल को ईरान ने आरोप लगाया कि लेबनान पर इसराइल के हमलों की वजह से युद्धविराम की शर्तों का उल्लंघन हुआ है। इस बीच Hezbollah ने भी उत्तरी इसराइल पर रॉकेट दागे हैं। Strait of Hormuz को लेकर भी खबरें आई थीं कि ईरान वहां टैंकरों की आवाजाही रोक रहा है, हालांकि व्हाइट हाउस ने इसे गलत बताया है। फिलहाल ईरान ने समुद्री सुरंगों के खतरे का हवाला देते हुए जहाजों के लिए नए वैकल्पिक रास्ते बताए हैं।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.