Donald Trump का बड़ा ऐलान, Hamas और US के बीच शांति समझौते के तहत हथियार डालने पर हुई सहमति.

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump ने दुनिया के सामने एक बहुत बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने बताया कि Hamas ने गाजा पट्टी में शांति स्थापित करने के लिए अमेरिका के 20-सूत्रीय शांति प्लान के तहत अपने हथियार पूरी तरह से नीचे रखने का औपचारिक समझौता कर लिया है। इस ऐतिहासिक समझौते की देखरेख खुद डोनाल्ड ट्रंप द्वारा बनाई गई एक बहुराष्ट्रीय 'Board of Peace' यानी शांति बोर्ड द्वारा की जा रही है। इस समझौते में एक चरणबद्ध रोडमैप तैयार किया गया है, जिसके तहत क्षेत्र के सभी सशस्त्र संगठनों का पूरी तरह से विसैनिकीकरण किया जाएगा और उसके बाद इजरायली फौजों की वहां से वापसी होगी। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति ने इस बातचीत को सफल बनाने में मिस्र, कतर और तुर्की के मध्यस्थों की भूमिका की जमकर सराहना की है और कहा कि इन सभी देशों के सहयोग से ही यह संभव हो पाया है।
Jared Kushner की Hamas नेताओं के साथ अहम बैठक
इस बड़े ऐलान के तुरंत बाद, मध्य पूर्व के अमेरिकी दूत Jared Kushner ने 16 अगस्त 2026 को मिस्र में Hamas के शीर्ष नेतृत्व के साथ सीधी बैठक की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य हथियार छोड़ने के इस पूरे रोडमैप को जमीन पर लागू करने और एक नई फिलिस्तीनी सरकार के गठन की प्रक्रिया को शांतिपूर्ण तरीके से आगे बढ़ाने पर चर्चा करना था। इन तमाम विकासक्रमों और समझौतों के बावजूद, इजरायल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu इस पूरे मामले पर अभी भी पूरी तरह आश्वस्त नजर नहीं आ रहे हैं और उन्होंने अपनी शंका जाहिर की है। उनका पहले भी यही कहना था कि इजरायल अपनी सैन्य मौजूदगी तब तक बनाए रखेगा जब तक जमीनी स्तर पर यह पूरी तरह सत्यापित नहीं हो जाता कि हमास ने सचमुच अपने हथियार छोड़ दिए हैं और अब वहां कोई खतरा नहीं बचा है।
Benjamin Netanyahu के साथ आगे की बातचीत
इसी सिलसिले को आगे बढ़ाते हुए, अमेरिकी दूत जारेद कुशनर आगामी 17 अगस्त को इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से आमने-सामने मुलाकात करेंगे। इस मीटिंग का मुख्य एजेंडा शांति योजना को सही ढंग से लागू करना और दोनों पक्षों के बीच चल रहे पुराने मतभेदों व आपसी घर्षण को दूर करना है। इस पूरी प्रक्रिया पर दुनियाभर के देशों की नजरें टिकी हुई हैं क्योंकि गाजा पट्टी में लंबे समय से चल रहे तनाव को खत्म करने की दिशा में इसे एक बहुत बड़ा और अहम कदम माना जा रहा है। आम जनता और इस क्षेत्र के लोग यही उम्मीद कर रहे हैं कि यह शांति समझौता जल्द से जल्द धरातल पर उतरे ताकि वहां के हालात सुधर सकें और आम नागरिकों को राहत मिल सके।