अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर एक बार फिर बड़ा बयान दिया है। ट्रम्प ने साफ किया है कि ईरान के जमीन के नीचे दबे हुए परमाणु मलबे और यूरेनियम भंडार को बाहर निकाला जाएगा और उसे पूरी तरह से नष्ट कर दिया जाएगा। सऊदी अरब के समाचार माध्यम ‘अखबार सऊदी’ ने भी ट्रम्प के इस बयान की पुष्टि की है। इस बयान के बाद दोनों देशों के बीच तनाव एक बार फिर चर्चा में आ गया है।

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डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान के न्यूक्लियर मलबे को लेकर क्या कहा?

डोनाल्ड ट्रम्प लगातार यह कह रहे हैं कि ईरान को किसी भी कीमत पर परमाणु हथियार नहीं बनाने दिया जाएगा। मई 2026 में ट्रम्प ने साफ किया कि ईरान को संवर्धित यूरेनियम (enriched uranium) वापस सौंपने के बदले कोई छूट नहीं मिलेगी। उन्होंने कहा कि इस न्यूक्लियर मलबे को अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) की देखरेख में ईरान के अंदर ही या किसी दूसरे देश में नष्ट किया जा सकता है। इससे पहले अप्रैल 2026 में ट्रम्प ने दावा किया था कि ‘ऑपरेशन मिडनाइट हैमर’ के जरिए ईरान के परमाणु ठिकानों को तबाह कर दिया गया था और अब जमीन के नीचे से इस कचरे को खोदकर निकालना एक लंबी और मुश्किल प्रक्रिया होगी।

ईरान सरकार का इस पूरे मामले पर क्या है रुख?

ईरान ने अमेरिकी दावों को पूरी तरह खारिज किया है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाई ने स्पष्ट रूप से कहा है कि ईरान अपना संवर्धित यूरेनियम किसी भी दूसरे देश को नहीं सौंपेगा। ईरान सरकार का कहना है कि उसका परमाणु कार्यक्रम केवल शांतिपूर्ण और नागरिक उद्देश्यों के लिए है। ईरान इस समय अपनी आर्थिक स्थिति को सुधारने और तेल बाजार में दोबारा मजबूत पकड़ बनाने की कोशिश कर रहा है, लेकिन वह अमेरिकी दबाव के सामने झुकने को तैयार नहीं है।

मई 2026 में क्यों बढ़ा दोनों देशों के बीच तनाव?

29 मई 2026 को डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान के खिलाफ दोबारा सैन्य हमले शुरू करने के लिए एक ‘रेड लाइन’ तय कर दी है। अमेरिकी अधिकारियों का मानना है कि पिछले हमलों के बाद ईरान की सैन्य ताकत काफी कमजोर हुई है, जिससे अमेरिका को बातचीत में ज्यादा बढ़त मिल रही है। साल 2025 में अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ईरान के परमाणु ठिकानों पर हवाई हमले किए थे, जिसके बाद से ही वहां का परमाणु कचरा जमीन के नीचे दबा हुआ है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान के परमाणु मलबे को नष्ट करने के लिए क्या विकल्प दिया है?

डोनाल्ड ट्रम्प ने सुझाव दिया है कि इस न्यूक्लियर मलबे को अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) की देखरेख में ईरान के अंदर ही या किसी अन्य सुरक्षित स्थान पर नष्ट किया जा सकता है।

ईरान का इस पूरे मामले पर क्या जवाब आया है?

ईरान के विदेश मंत्रालय ने साफ कहा है कि वे अपना संवर्धित यूरेनियम किसी भी बाहरी देश को नहीं सौंपेंगे और उनका परमाणु कार्यक्रम पूरी तरह से नागरिक कार्यों के लिए है।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com