अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump ने सैन्य गठबंधन NATO पर कड़ा हमला बोला है। उन्होंने 4 अप्रैल 2026 को कहा कि यह संगठन अब बहुत कमज़ोर हो चुका है और इस पर बिल्कुल भरोसा नहीं किया जा सकता। ट्रंप ने इसे एक कागज़ी शेर करार दिया और संकेत दिए कि अमेरिका अब इससे बाहर निकलने के बहुत करीब पहुँच गया है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब ईरान के साथ तनाव बना हुआ है और अमेरिका को अपने सहयोगियों से मदद की उम्मीद थी।

ट्रंप ने NATO को लेकर क्या बड़े बयान दिए?

  • ट्रंप ने साफ़ तौर पर कहा कि NATO अब एक भरोसेमंद पार्टनर नहीं रह गया है और इसकी हालत बहुत पतली है।
  • उन्होंने बताया कि अमेरिका का इस गठबंधन से बाहर निकलना अब सिर्फ एक विचार नहीं बल्कि उससे कहीं आगे की बात हो चुकी है।
  • ट्रंप ने कहा कि उन्हें इस बात की कोई परवाह नहीं है कि NATO ईरान के साथ चल रही जंग में शामिल नहीं हो रहा है।
  • उनका मानना है कि अगर कभी अमेरिका को ज़रूरत पड़ी, तो NATO उसके साथ खड़ा नहीं होगा।
  • अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio ने भी युद्ध खत्म होने के बाद सदस्यता पर फिर से विचार करने की बात कही है।

दूसरे देशों और बड़े नेताओं का इस पर क्या रुख है?

ट्रंप के इस कड़े रुख के बाद दुनिया भर में हलचल मच गई है। फ़्रांस के राष्ट्रपति Emmanuel Macron ने ट्रंप की आलोचना करते हुए कहा कि बार-बार गठबंधन पर शक करने से आपसी भरोसे को भारी नुकसान पहुँचता है। वहीं कनाडा की विदेश मंत्री Anita Anand ने NATO के प्रति अपना समर्थन जारी रखने का वादा किया है और बताया कि उनका देश रक्षा खर्च का लक्ष्य पूरा कर चुका है। आने वाले दिनों में NATO महासचिव Mark Rutte भी ट्रंप से मिलने वाशिंगटन जा रहे हैं। फिलहाल अमेरिका में 2023 के एक कानून के मुताबिक राष्ट्रपति को इस गठबंधन से बाहर निकलने के लिए सीनेट में दो-तिहाई बहुमत की ज़रूरत होगी।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.