अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने एक बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा है कि वह इजरायल को लेबनान पर हमले करने से रोक सकते हैं। ट्रंप के मुताबिक इजरायल के बड़े नेता उनकी बहुत इज्जत करते हैं और उनकी बात मानते हैं।

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ट्रंप ने बेंजामिन नेतन्याहू पर क्या कहा

The Axios Show को दिए एक इंटरव्यू में डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि इजरायली नेतृत्व उनकी बात मानता है। उन्होंने इजरायल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu के साथ अपने रिश्तों को अच्छा बताया लेकिन साथ ही यह भी कहा कि नेतन्याहू को थोड़ा संयम में रखना जरूरी है।

सीजफायर और हिंसा का असर

ट्रंप के इस बयान के साथ ही इजरायल और ईरान समर्थित हिजबुल्लाह के बीच एक नया सीजफायर यानी युद्धविराम लागू हुआ। यह समझौता अमेरिका और कतर ने ईरान की मदद से कराया था, जो शुक्रवार, 19 जून 2026 को शाम 4 बजे से शुरू हुआ। इस सीजफायर से पहले दोनों तरफ भारी लड़ाई हुई थी। इजरायली हमलों में लेबनान के कम से कम 47 लोग मारे गए और 97 घायल हुए, जबकि इजरायल के चार सैनिक लेबनान में मारे गए।

शांति के लिए कोशिशें और रुकावटें

डोनाल्ड ट्रंप ने 16 जून को इजरायल के हमलों को बहुत ज्यादा और हिंसक बताया था। उन्होंने नेतन्याहू से और जिम्मेदारी से काम करने को कहा था। अमेरिका और ईरान के बीच 17 जून को एक समझौता (MOU) भी हुआ था ताकि पश्चिम एशिया में लड़ाई खत्म हो सके। हालांकि, लेबनान में फिर से शुरू हुई लड़ाई की वजह से स्विट्जरलैंड में होने वाली बातचीत को टाल दिया गया।

लेबनान की प्रतिक्रिया

लेबनान के राष्ट्रपति Joseph Aoun ने इजरायल के हमलों की कड़ी निंदा की। उन्होंने इसे एक खतरनाक कदम बताया और कहा कि बातचीत को आगे बढ़ाने के लिए एक पूरी तरह से प्रभावी सीजफायर होना बहुत जरूरी है।