Donald Trump का बड़ा बयान: ईरान के पास मिसाइलों का स्टॉक हुआ बहुत कम, खाड़ी देशों में हमलों के बीच राष्ट्रपति का दावा
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने दावा किया है कि ईरान के पास मिसाइलों का स्टॉक काफी हद तक घट गया है। ट्रंप का कहना है कि ईरान यूरेनियम संवर्धन बंद करने और अपनी मौजूदा मिसाइल क्षमता को कम रखने पर बातचीत के लिए सहमत हुआ है। हालांकि, ईरान के अधिकारियों ने इन बातों को पूरी तरह गलत बताया है। यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब क्षेत्र में तनाव चरम पर है और सऊदी अरब सहित कई खाड़ी देशों पर ड्रोन हमले की खबरें आई हैं।
ट्रंप के दावे और ईरान की इस पर क्या है प्रतिक्रिया?
ट्रंप ने ईरान को समझौता करने के लिए 27 मार्च 2026 तक की आखिरी तारीख दी है। उनका कहना है कि ईरानी अधिकारियों के साथ बहुत अच्छी और सकारात्मक बातचीत चल रही है। दूसरी तरफ, ईरान के संसद अध्यक्ष Mohammad Bagher Ghalibaf ने अमेरिका के साथ किसी भी बातचीत से साफ इनकार किया है। उन्होंने ट्रंप के दावों को ‘फेक न्यूज’ बताया है। ईरान का कहना है कि उनकी सैन्य ताकत और मिसाइलें पहले से ज्यादा सटीक और मजबूत हुई हैं।
सऊदी अरब और प्रवासियों पर इसका क्या असर होगा?
खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों और विशेष रूप से भारतीयों के लिए सुरक्षा के हालात महत्वपूर्ण हो गए हैं। हाल ही में ईरान ने इजरायल के साथ-साथ सऊदी अरब, कुवैत और यूएई की ओर भी मिसाइलें और ड्रोन दागे हैं। सऊदी अरब के पूर्वी प्रांत में 19 ड्रोन मार गिराए गए। नीचे दी गई टेबल से समझिए कि पिछले 24 घंटों में क्या बड़े बदलाव हुए हैं:
| तारीख | प्रमुख घटना |
|---|---|
| 23 मार्च 2026 | ट्रंप ने ईरान के लिए समझौते की डेडलाइन 27 मार्च तक बढ़ाई |
| 24 मार्च 2026 | सऊदी अरब के ऊपर 19 ईरानी ड्रोन नष्ट किए गए |
| 24 मार्च 2026 | ईरान ने अमेरिकी बातचीत के दावों को अफवाह बताया |
| आने वाले दिन | अमेरिका हजारों अतिरिक्त सैनिक मिडिल ईस्ट भेजने की तैयारी में |
इजरायल और अमेरिका लगातार ईरान के मिसाइल ठिकानों को निशाना बना रहे हैं ताकि उनकी हमला करने की शक्ति को कमजोर किया जा सके। इस बीच, पाकिस्तान ने दोनों पक्षों के बीच मध्यस्थता की पेशकश भी की है। खाड़ी देशों में काम करने वाले लोग इस तनावपूर्ण स्थिति पर करीब से नजर रख रहे हैं क्योंकि इसका सीधा असर सुरक्षा और आने-जाने वाली फ्लाइट्स पर पड़ सकता है।




