अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने दावा किया है कि ईरान परमाणु निरीक्षण की सबसे कड़ी शर्तों पर सहमत हो गया है। ट्रंप ने चेतावनी दी कि अगर तेहरान ने इन नियमों का पालन नहीं किया, तो आगे कोई बातचीत नहीं होगी। हालांकि, ईरान की सरकार ने इन दावों को पूरी तरह गलत बताया है।
22 और 23 जून 2026 को Donald Trump ने Truth Social और पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि ईरान अब ‘Nuclear Honesty’ यानी परमाणु ईमानदारी के लिए तैयार है। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान से मिले कुछ बड़े समझौतों की वजह से ही उन्होंने Strait of Hormuz को खुला रखने का फैसला किया है।
अमेरिका के उपराष्ट्रपति JD Vance ने भी इस बात की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि स्विट्जरलैंड में हुई बातचीत के बाद ईरान ने International Atomic Energy Agency (IAEA) के निरीक्षकों को वापस बुलाने पर सहमति जताई है। Vance ने इसे अमेरिकी जनता के लिए एक बड़ी जीत और ईरान के परमाणु कार्यक्रम को खत्म करने की दिशा में पहला कदम बताया है।
दूसरी तरफ, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmail Baghaei ने इन दावों को खारिज कर दिया। उन्होंने साफ कहा कि परमाणु साइटों के निरीक्षण की कोई योजना नहीं है और तकनीकी बातचीत अभी शुरू भी नहीं हुई है। ईरान के मुख्य वार्ताकार ने भी ट्रंप की धमकियों को नजरअंदाज किया है।
बता दें कि यह पूरी बातचीत स्विट्जरलैंड में हुई थी, जिसमें पाकिस्तान और कतर ने मध्यस्थ की भूमिका निभाई। यह बातचीत एक समझौते (MoU) के तहत 60 दिनों की समय सीमा में हो रही थी ताकि सैन्य लड़ाई को रोका जा सके और परमाणु मुद्दे को सुलझाया जा सके।
इस बीच कुछ अन्य समझौतों पर भी बात हुई है, जिनमें मुख्य बिंदु ये हैं:
- सेंक्शन: अमेरिका ईरान पर से कुछ प्रतिबंध हटाएगा और जमी हुई संपत्ति को फ्री करेगा।
- मानवीय मदद: फ्री किए गए पैसे अमेरिका के कंट्रोल में रहेंगे और इनका इस्तेमाल केवल अमेरिका से खाना और दवाइयां खरीदने के लिए होगा।
- शांति प्रयास: लेबनान में युद्धविराम लागू करने के लिए एक ‘deconfliction cell’ बनाया जाएगा।
- व्यापार: Strait of Hormuz को जहाजों के आने-जाने के लिए खुला रखा जाएगा।
