अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने एक हैरान करने वाला दावा किया है। उन्होंने कहा कि ईरान इस समय पूरी तरह से ढह रहा है और उसकी हालत बहुत खराब है। ट्रंप के मुताबिक, ईरान ने अब वॉशिंगटन से संपर्क किया है और अपने बंदरगाहों पर लगी नौसेना की नाकाबंदी हटाने की मांग की है ताकि व्यापार फिर से शुरू हो सके।
ईरान और अमेरिका के बीच नौसेना की नाकाबंदी क्या है?
अमेरिका ने 13 अप्रैल 2026 से ईरान के सभी बंदरगाहों पर पूरी तरह से समुद्री नाकाबंदी लागू कर दी थी। इस नियम के तहत ईरान जाने वाले या वहां से आने वाले सभी जहाजों को रोका जा रहा है। हालांकि, जो जहाज ईरान को छोड़कर किसी और देश जा रहे हैं, उन्हें Hormuz Strait से निकलने की अनुमति है। दूसरी तरफ, ईरान ने भी 28 फरवरी 2026 से अपने अलावा बाकी सभी जहाजों के लिए Hormuz Strait का रास्ता बंद कर रखा था, जिसे अमेरिका अब खुलवाना चाहता है।
शांति समझौते में देरी क्यों हो रही है?
दोनों देशों के बीच बातचीत फिलहाल रुकी हुई है क्योंकि Trump ईरान के शांति प्रस्ताव से खुश नहीं हैं। ईरान चाहता है कि पहले शिपिंग विवाद और युद्ध को खत्म किया जाए और उसके बाद परमाणु कार्यक्रम (Nuclear Program) पर बात हो। लेकिन ट्रंप का कहना है कि परमाणु मुद्दों पर चर्चा सबसे पहले होनी चाहिए। इस पूरे मामले में Pakistan दोनों देशों के बीच मध्यस्थता करने की कोशिश कर रहा है।
ईरान सरकार का अमेरिका पर क्या आरोप है?
ईरान के रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता Reza Talaei-Nik ने अमेरिका की मांगों को गलत बताया। उन्होंने साफ कहा कि वॉशिंगटन को अपनी अवैध और तर्कहीन मांगें छोड़ देनी चाहिए। उनके मुताबिक, अमेरिका अब किसी भी स्वतंत्र देश को अपनी शर्तें नहीं थोप सकता और न ही अपनी पॉलिसी उन पर चला सकता है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
अमेरिका ने ईरान पर नाकाबंदी कब लगाई थी?
अमेरिका ने 13 अप्रैल 2026 से ईरान के सभी बंदरगाहों पर पूर्ण समुद्री नाकाबंदी लागू की थी, जिसके तहत सभी जहाजों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई थी।
ईरान और अमेरिका के बीच विवाद की मुख्य वजह क्या है?
मुख्य विवाद Hormuz Strait में जहाजों की आवाजाही और ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर है, जिस पर दोनों देशों की शर्तें अलग-अलग हैं।