पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि इसराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और हिज़बुल्लाह के बीच हमलों को रोकने पर सहमति बन गई है। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर इसकी घोषणा की। हालांकि, इस दावे के कुछ ही घंटों बाद दोनों पक्षों की ओर से फिर से हमले शुरू हो गए, जिससे इस समझौते की स्थिरता पर सवाल खड़े हो गए हैं।

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डोनाल्ड ट्रंप ने बातचीत को लेकर क्या दावा किया है?

डोनाल्ड ट्रंप ने 1 जून 2026 को दावा किया कि उनकी इसराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से बहुत अच्छी बातचीत हुई है। ट्रंप के अनुसार, नेतन्याहू बेरुत में सेना नहीं भेजने पर सहमत हुए हैं। इसके साथ ही ट्रंप ने यह भी कहा कि उन्होंने हिज़बुल्लाह के उच्च प्रतिनिधियों से बात की है और दोनों पक्ष एक-दूसरे पर हमला न करने के लिए तैयार हो गए हैं। वाशिंगटन में लेबनानी दूतावास ने भी पुष्टि की कि उन्हें हिज़बुल्लाह की ओर से हमले रोकने के अमेरिकी प्रस्ताव पर सहमति की सूचना मिली थी।

बेंजामिन नेतन्याहू का इस पर क्या रुख है?

ट्रंप के दावों के विपरीत, इसराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अलग रुख अपनाया है। उन्होंने साफ किया कि अगर हिज़बुल्लाह इसराइली शहरों पर हमले बंद नहीं करता है, तो इसराइल बेरुत में सैन्य ठिकानों पर हमले जारी रखेगा। नेतन्याहू ने कहा कि इसराइल का रुख नहीं बदला है और उनकी सेना दक्षिणी लेबनान में अपनी योजना के अनुसार कार्रवाई जारी रखेगी।

क्या समझौते के ऐलान के बाद भी हमले जारी हैं?

हां, डोनाल्ड ट्रंप के इस बड़े ऐलान के कुछ ही घंटों बाद 2 जून 2026 को इसराइल ने दक्षिणी लेबनान पर हमले किए। वहीं हिज़बुल्लाह ने भी उत्तरी इसराइल पर रॉकेट दागे। इसराइली सेना ने बताया कि उनके एयर डिफेंस सिस्टम ने लेबनान की तरफ से आए दो प्रोजेक्टाइल को हवा में ही रोक दिया। मार्च 2026 से दोनों पक्षों के बीच चल रहे इस संघर्ष में अब तक कई लोग बेघर हो चुके हैं और पहले भी कुछ समय के लिए युद्धविराम हो चुके हैं।

Frequently Asked Questions (FAQs)

डोनाल्ड ट्रंप ने हिज़बुल्लाह से कैसे संपर्क किया?

डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि उन्होंने सीधे तौर पर नहीं बल्कि हिज़बुल्लाह के बहुत ही उच्च स्तर के प्रतिनिधियों के ज़रिए उनसे बातचीत की है।

लेबनान सरकार का इस समझौते पर क्या कहना है?

लेबनान के दूतावास के अनुसार, बेरुत के अधिकारियों को हिज़बुल्लाह की तरफ से अमेरिकी प्रस्ताव पर सहमति की पुष्टि मिली थी, जिसमें बेरुत पर हमले रोकने के बदले हमले बंद करने की बात थी।

क्या इसराइल और हिज़बुल्लाह के बीच पहले भी कोई संघर्ष विराम हुआ है?

हां, मार्च 2026 में दोबारा शुरू हुए इस संघर्ष के दौरान अप्रैल में 10 दिनों का और मई 2026 में 45 दिनों का संघर्ष विराम समझौता हो चुका है।