अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump ने एक बार फिर कुर्दों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने ईरान के प्रदर्शनकारियों की मदद के लिए कुर्दों के जरिए हथियार भेजे थे, लेकिन कुर्दों ने उन्हें आगे पहुंचाने के बजाय खुद ही रख लिया। इस बात को लेकर ट्रंप काफी नाराज नजर आ रहे हैं और उन्होंने इसे एक बड़ा धोखा बताया है।
Trump ने कुर्दों पर क्या आरोप लगाए हैं?
Donald Trump ने 11 मई 2026 को एक बार फिर अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि उन्हें कुर्दों से बहुत उम्मीद थी, लेकिन उन्होंने हथियारों को ईरान के अंदर नहीं भेजा। ट्रंप के मुताबिक, ये हथियार ईरान में विद्रोह भड़काने के लिए भेजे गए थे। उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग इस खेल में शामिल हैं, उन्हें इसकी भारी कीमत चुकानी होगी। इससे पहले अप्रैल और मई की शुरुआत में भी उन्होंने इसी तरह की बातें कही थीं और कहा था कि वह इस बात से बिल्कुल खुश नहीं हैं कि हथियारों का पता नहीं चल रहा है।
कुर्द समूहों और ईरान की क्या प्रतिक्रिया रही?
ट्रंप के इन दावों को कुर्द समूहों ने सिरे से खारिज कर दिया है। Kurdistan Democratic Party of Iran (PDKI) और Kurdistan Freedom Party (PAK) जैसे संगठनों ने कहा कि उन्होंने अमेरिका से कोई हथियार नहीं लिए। उनका कहना है कि ट्रंप के आरोप पूरी तरह निराधार हैं और इससे उनके लिए खतरा बढ़ सकता है। वहीं, ईरान के सुरक्षा सूत्रों ने मार्च 2026 में ही कह दिया था कि सीमा पूरी तरह सुरक्षित है और कोई भी सशस्त्र समूह ईरान के अंदर दाखिल नहीं हुआ है।
इस पूरे विवाद की मुख्य बातें
- मार्च 2026: CNN ने खबर दी थी कि CIA कुर्दों के जरिए ईरान में विद्रोह कराने की तैयारी कर रही थी।
- अप्रैल 2026: Trump ने Fox News को बताया कि हथियारों को कुर्दों ने रोक लिया है।
- मई 2026: ट्रंप ने बार-बार अपनी नाराजगी जताई और ईरान के साथ हुए सीजफायर समझौते को भी कमजोर और नाजुक बताया।
- आरोप: अमेरिका का दावा है कि हथियारों की एक छोटी खेप भेजी गई थी जिसे कुर्दों ने रख लिया।
Frequently Asked Questions (FAQs)
ट्रंप ने कुर्दों पर क्या आरोप लगाया है?
ट्रंप का दावा है कि अमेरिका ने ईरान के प्रदर्शनकारियों के लिए जो हथियार कुर्दों को दिए थे, उन्हें कुर्दों ने रास्ते में ही रोक लिया और खुद अपने पास रख लिए।
कुर्द संगठनों ने ट्रंप की बातों पर क्या कहा?
PDKI और PAK जैसे कुर्द समूहों ने इन आरोपों को गलत बताया है। उनका कहना है कि उन्हें कोई अमेरिकी हथियार नहीं मिले और यह दावा पूरी तरह झूठ है।
