अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरान के बीच बातचीत को लेकर विरोधाभासी खबरें सामने आ रही हैं। ट्रंप ने दावा किया है कि अमेरिका और ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाकिर कलिबाफ (Mohammad Bagher Ghalibaf) के बीच बातचीत चल रही है और इसके नतीजे जल्द ही सामने आ सकते हैं। ट्रंप ने इन मुलाकातों को काफी सकारात्मक बताया है और कहा है कि अगले एक हफ्ते में स्थिति पूरी तरह साफ हो जाएगी कि दोनों देश मिलकर आगे बढ़ सकते हैं या नहीं।

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डोनाल्ड ट्रंप के दावों में क्या है?

डोनाल्ड ट्रंप ने 30 मार्च 2026 को दिए अपने बयान में कहा कि अमेरिका ईरानी नेतृत्व के एक नए समूह के साथ बातचीत कर रहा है जो पहले के मुकाबले काफी समझदार लग रहे हैं। ट्रंप ने कहा कि ईरान उनके द्वारा दिए गए 15 बिंदुओं वाले प्रस्ताव के ज्यादातर हिस्सों पर सहमत हो गया है। ट्रंप के मुताबिक यह बातचीत बहुत अच्छी और काम की रही है। ट्रंप ने संकेत दिया कि एक बड़ी डील जल्द हो सकती है, लेकिन साथ ही उन्होंने ईरान के तेल ठिकानों और सैन्य ठिकानों पर हमले की चेतावनी को भी बरकरार रखा है।

ईरान और मध्यस्थों का इस मामले पर क्या कहना है?

ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाकिर कलिबाफ ने ट्रंप के इन दावों को पूरी तरह से गलत बताया है। कलिबाफ का कहना है कि अमेरिका के साथ किसी भी तरह की कोई सीधी बात नहीं हो रही है और ट्रंप के बयान केवल तेल बाजार को प्रभावित करने के लिए फैलाई गई झूठी खबरें हैं। ईरान के विदेश मंत्रालय ने भी अमेरिका के प्रस्तावों को अतार्किक बताया है। हालांकि पाकिस्तान के विदेश मंत्री ने पुष्टि की है कि पाकिस्तान दोनों देशों के बीच मध्यस्थता कर रहा है और दोनों पक्षों ने पाकिस्तान पर अपना भरोसा जताया है।

मामले से जुड़ी मुख्य जानकारियां

प्रमुख पक्ष भूमिका/स्थिति
डोनाल्ड ट्रंप बातचीत जारी होने का दावा किया
मोहम्मद बाकिर कलिबाफ बातचीत से पूरी तरह इनकार किया
पाकिस्तान मध्यस्थ के रूप में काम कर रहा है
ईरान विदेश मंत्रालय अमेरिकी प्रस्तावों को नामंजूर किया
स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर कथित तौर पर बातचीत में शामिल अमेरिकी दूत
Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.