अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सोशल मीडिया पर एक बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य को साफ करने का काम शुरू कर दिया है ताकि दुनिया भर के देशों को तेल की सप्लाई में आसानी हो। ट्रम्प के मुताबिक ईरान की सैन्य ताकत अब खत्म हो चुकी है और उनके माइन बिछाने वाले जहाज समुद्र तल पर डूब चुके हैं।

हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य में क्या चल रहा है और ट्रम्प ने क्या कहा?

ट्रम्प ने शनिवार, 11 अप्रैल 2026 को बताया कि ईरान की नौसेना, हवाई क्षमताएं और मिसाइलें बड़े पैमाने पर नष्ट हो गई हैं। उन्होंने कहा कि यह समुद्री रास्ता दुनिया की करीब 20% तेल आपूर्ति के लिए बहुत जरूरी है और अमेरिका इसे फिर से खोलने की दिशा में काम कर रहा है। ट्रम्प ने यह भी कसम खाई कि यह रास्ता ईरान के सहयोग के साथ या उसके बिना हर हाल में खुलेगा।

ईरान का क्या जवाब है और वर्तमान स्थिति क्या है?

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराक़ची ने कहा कि तकनीकी सीमाओं को ध्यान में रखते हुए रास्ता यातायात के लिए खुला रहेगा। वहीं दूसरी तरफ, अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि कई अमेरिकी जहाजों ने बिना किसी तालमेल के इस रास्ते को पार किया। वर्तमान में जहाजों की आवाजाही बहुत कम हो गई है। युद्ध से पहले जहाँ रोजाना 100 जहाज गुजरते थे, वहीं 10 अप्रैल को केवल चार जहाज ही निकल पाए। ऐसी खबरें भी आई हैं कि ईरान रास्ता देने के लिए प्रति जहाज 2 मिलियन डॉलर तक की मांग कर रहा है।

शांति के लिए क्या कोशिशें हो रही हैं?

अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता पाकिस्तान के इस्लामाबाद में शुरू हुई है। इस मीटिंग में अमेरिका की तरफ से उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और ईरान की तरफ से विदेश मंत्री अब्बास अराक़ची शामिल हुए हैं। ईरान ने अपनी संपत्ति छुड़ाने और लेबनान में युद्धविराम की शर्त रखी है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ ने उम्मीद जताई है कि इन वार्ताओं से इलाके में स्थायी शांति आएगी।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.