लाल सागर (Red Sea) के रास्तों को लेकर तनाव काफी बढ़ गया है और अब अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump ने इस पर सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने साफ कहा है कि अगर Houthi विद्रोही लाल सागर के रास्तों को बंद करने की कोशिश करते हैं, तो अमेरिका हर जरूरी कदम उठाएगा। यह बयान 21 जुलाई 2026 को सामने आया है, जो समुद्री सुरक्षा को लेकर दुनिया भर में चिंता पैदा कर रहा है।
Houthi विद्रोहियों की धमकी और Saudi Arabia का जवाब
ईरान समर्थित Houthi विद्रोहियों ने 20 जुलाई 2026 को सऊदी अरब के खिलाफ समुद्री प्रतिबंध का ऐलान किया है। उन्होंने Bab al-Mandeb जलडमरूमध्य को निशाना बनाने की धमकी दी है, जो वैश्विक व्यापार और तेल शिपमेंट के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। सऊदी अरब ने इस घोषणा को तुरंत खारिज करते हुए विद्रोहियों को आतंकवादी समूह बताया है। सऊदी अरब अपने तेल निर्यात के लिए इन रास्तों का इस्तेमाल करता है और उसने अंतरराष्ट्रीय कानूनों के तहत सभी जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की बात कही है।
अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ता तनाव
यह घटनाक्रम ऐसे समय पर हुआ है जब अमेरिका और ईरान के बीच लगातार दस दिनों से हमलों का दौर चल रहा है। Donald Trump ने सोशल मीडिया पर चेतावनी दी है कि ईरान की तरफ से अमेरिकी सैनिक की मौत का बदला लिया जाएगा। उन्होंने जुलाई की शुरुआत में ही सऊदी अरब को Houthi विद्रोहियों के खिलाफ सैन्य कार्रवाई करने की मंजूरी दी थी। इन सब स्थितियों के कारण दुनिया भर के तेल व्यापार और समुद्री सुरक्षा पर गहरा संकट मंडरा रहा है, जिससे गल्फ देशों में काम करने वाले प्रवासियों के बीच भी चिंता बढ़ सकती है क्योंकि इसका असर सीधे व्यापार और आवाजाही पर पड़ता है।
