अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान के साथ चल रहे दो हफ्ते के युद्ध विराम (ceasefire) को आगे न बढ़ाने का संकेत दिया है। उन्होंने एक इंटरव्यू में साफ़ किया कि उन्हें इस समय समय सीमा बढ़ाने की जरूरत नहीं लग रही है। इस बयान के बाद अब दुनिया की नजरें इस बात पर हैं कि ईरान और अमेरिका के बीच तनाव बढ़ेगा या कोई नया समझौता होगा।
डोनाल्ड ट्रंप ने युद्ध विराम पर क्या फैसला लिया?
राष्ट्रपति Donald Trump ने 15 अप्रैल 2026 को ABC News के रिपोर्टर Jonathan Karl को बताया कि वह ईरान के साथ चल रहे युद्ध विराम को आगे बढ़ाने पर विचार नहीं कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले दो दिन बहुत महत्वपूर्ण होंगे। ट्रंप का मानना है कि ईरान में अब कट्टरपंथी लोग नहीं रहे और वह बातचीत के जरिए एक ऐसा समझौता चाहते हैं जिससे ईरान दोबारा खड़ा हो सके।
ईरान की समुद्री व्यापारिक स्थिति क्या है?
अमेरिकी सेना ने ईरान के बंदरगाहों की घेराबंदी (blockade) को पूरी तरह लागू कर दिया है। CENTCOM कमांडर Adm. Brad Cooper ने 14 अप्रैल को इसकी जानकारी दी। इसके कारण ईरान का समुद्री व्यापार पूरी तरह से रुक गया है। अमेरिकी सेना ने Middle East में अपनी समुद्री ताकत का दावा किया है।
शांति वार्ता और मध्यस्थ देशों की भूमिका
ईरान और अमेरिका के बीच शांति वार्ता 16 अप्रैल 2026 से फिर शुरू हो सकती है। इस पूरे मामले में कई देशों ने मध्यस्थ के तौर पर मदद की है, जिसकी जानकारी नीचे टेबल में है:
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| मध्यस्थ देश | Pakistan, Egypt, Turkey और Saudi Arabia |
| मुख्य बयान | JD Vance ने कहा कि ईरान समझौता करना चाहता है |
| शुरुआती समझौता | 7 अप्रैल 2026 को Pakistan की मदद से हुआ था |
| युद्ध विराम की स्थिति | यह समझौता 15 अप्रैल के एक हफ्ते बाद खत्म होगा |
