अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान के साथ चल रहे टकराव को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने साफ कहा कि अमेरिका इस मुकाबले से समय से पहले पीछे नहीं हटेगा ताकि भविष्य में यह संकट दोबारा खड़ा न हो। ट्रंप के इस रुख से पूरे खाड़ी क्षेत्र और अंतरराष्ट्रीय राजनीति में चर्चा तेज हो गई है।
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Trump का ईरान पर क्या स्टैंड है और उनकी प्राथमिकता क्या है?
Donald Trump ने स्पष्ट किया कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना अमेरिका की सबसे बड़ी प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि ईरान के लिए समझौता करने की जो समय सीमा तय की गई थी वह आखिरी थी और वह अगले मंगलवार को खत्म हो रही थी। ट्रंप के मुताबिक तेहरान की तरफ से आया प्रस्ताव एक कदम तो था लेकिन वह अंतिम समझौते के लिए काफी नहीं था। उन्होंने यह भी कहा कि हालांकि अमेरिका अपनी सेना को कभी भी हटा सकता है लेकिन वह मिशन पूरा होने के बाद ही ऐसा फैसला लेना पसंद करेंगे।
NATO देशों और खाड़ी देशों पर इसका क्या असर पड़ेगा?
- यूरोप से सेना की वापसी: ट्रंप ने संकेत दिया कि वह स्पेन और इटली से अमेरिकी सैनिकों को वापस बुला सकते हैं क्योंकि NATO के भीतर ईरान के खिलाफ युद्ध को लेकर मतभेद हैं।
- ईरान का दावा: ईरान के सर्वोच्च नेता ने कहा कि खाड़ी का भविष्य अमेरिका की मौजूदगी के बिना होगा और हॉर्मुज जलडमरूमध्य के लिए नए कानूनी ढांचे बनाए जाएंगे।
- मिसाइल फैक्ट्री: ऐसी खबरें भी आईं कि ट्रंप ने ईरान की मिसाइल फैक्ट्रियों को नष्ट करने का दावा किया है।
ट्रंप ने चेतावनी दी कि अगर तेहरान ने अमेरिकी मांगों को पूरा नहीं किया तो उसे इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। उन्होंने साफ किया कि वॉशिंगटन अपने रणनीतिक लक्ष्यों को हासिल करने के लिए सभी विकल्पों का इस्तेमाल कर सकता है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
Donald Trump ने ईरान के मुद्दे पर क्या फैसला लिया है?
ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ईरान के साथ टकराव से जल्दी पीछे नहीं हटेगा ताकि संकट दोबारा न लौटे और ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोकना उनकी टॉप प्रायोरिटी है।
क्या अमेरिकी सेना यूरोप के देशों से हटेगी?
हाँ, ट्रंप ने संकेत दिया है कि NATO में ईरान युद्ध को लेकर मतभेद होने के कारण वह स्पेन और इटली से अमेरिकी सैनिकों को हटा सकते हैं।