अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान के खिलाफ चल रहे सैन्य अभियानों को धीरे-धीरे खत्म करने का संकेत दिया है। Trump ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर जानकारी दी कि अमेरिका मिडिल ईस्ट में अपने लक्ष्यों को पूरा करने के बहुत करीब है और अब ईरान के खिलाफ बड़े सैन्य प्रयासों को कम करने पर विचार किया जा रहा है। हालांकि, इस बयान के साथ ही अमेरिका क्षेत्र में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए अतिरिक्त सैनिक और युद्धपोत भी भेज रहा है।

ट्रंप ने ईरान और समुद्री सुरक्षा पर क्या कहा?

ट्रंप ने अपने बयान में जोर देकर कहा कि अमेरिका ईरान को कभी भी परमाणु हथियार हासिल करने नहीं देगा। उन्होंने दावा किया कि दो हफ्ते पहले जो ईरानी नौसेना समुद्र में थी, वह अब समुद्र की गहराई में समा चुकी है। ट्रंप ने यह भी स्पष्ट किया कि Strait of Hormuz जैसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्तों की सुरक्षा की जिम्मेदारी अब अन्य देशों को लेनी चाहिए, हालांकि जरूरत पड़ने पर अमेरिका मदद के लिए तैयार रहेगा।

क्षेत्र में मौजूदा हालात और प्रमुख देशों के बयान

इस पूरे घटनाक्रम के बीच मिडिल ईस्ट में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है। एक तरफ जहां ट्रंप सैन्य अभियान कम करने की बात कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ इजरायल ने अपने हमलों को और तेज करने की घोषणा की है। इस स्थिति से जुड़ी प्रमुख जानकारियां नीचे दी गई हैं:

संबंधित पक्ष मुख्य अपडेट
Israel इजरायली रक्षा मंत्री ने अगले हफ्ते ईरान पर हमले और तेज करने की बात कही।
US Military अमेरिका ने क्षेत्र में 2,500 अतिरिक्त Marines और युद्धपोत तैनात करने का फैसला किया।
Iran ईरान के Natanz परमाणु केंद्र पर हमले की पुष्टि हुई, हालांकि रेडिएशन का कोई खतरा नहीं है।
US Treasury ग्लोबल मार्केट में तेल की कीमतों को काबू में रखने के लिए समुद्री ईरानी तेल पर पाबंदियों में ढील दी गई।
International भारत, ब्रिटेन और फ्रांस समेत 22 देशों ने समुद्री व्यापारिक जहाजों पर हमलों की निंदा की।

ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने कहा कि उनका देश युद्ध को पूरी तरह खत्म करने के लिए तैयार है, लेकिन अमेरिका के इरादे अभी स्पष्ट नहीं दिख रहे हैं। वहीं चीन के विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका इस युद्ध को अब और आगे खींचने की स्थिति में नहीं है, इसलिए वह सुरक्षित तरीके से इससे बाहर निकलने का रास्ता खोज रहा है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.