अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर अपना कड़ा रुख साफ कर दिया है. उन्होंने ऐलान किया है कि जब तक ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर कोई पक्का समझौता नहीं हो जाता, तब तक वहां लगी समुद्री नाकाबंदी को नहीं हटाया जाएगा. इस सख्त फैसले से ईरान की अर्थव्यवस्था पूरी तरह हिल गई है और अब दुनिया की नजरें इस बात पर हैं कि आगे क्या होगा.

ℹ️: Iran Nuclear War: अमेरिका का बड़ा ऐलान, ईरान को परमाणु बम बनाने से रोकने के लिए अब होगा बड़ा एक्शन.

ट्रंप की शर्तें और अमेरिकी अधिकारियों का क्या कहना है

डोनाल्ड ट्रंप ने कई बार यह बात दोहराई है कि वह परमाणु समझौते के बिना ईरान को राहत नहीं देंगे. उन्होंने साफ कहा कि समुद्री नाकाबंदी की वजह से ईरान की अर्थव्यवस्था को बहुत बड़ा नुकसान हो रहा है. इसी बीच अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio ने कहा कि वह मीडिया के जरिए कोई बातचीत नहीं करेंगे, हालांकि उन्होंने ईरान के ऑफर को उम्मीद से बेहतर बताया है, लेकिन उनका कहना है कि ईरान को परमाणु हथियार नहीं बनाने दिए जाएंगे. उधर, अमेरिकी रक्षा मंत्री Pete Hegseth जल्द ही ईरान के साथ युद्ध को लेकर अमेरिकी कांग्रेस के सामने अपनी बात रखेंगे.

ईरान की बिगड़ती हालत और पाकिस्तान की कोशिशें

  • करेंसी में गिरावट: नाकाबंदी और युद्ध के डर से ईरानी रियाल की कीमत डॉलर के मुकाबले अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई है.
  • पाकिस्तान की भूमिका: पाकिस्तान इस समय अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत कराने की कोशिश कर रहा है. ईरान एक नया प्रस्ताव भेजने की तैयारी में है.
  • ट्रंप का दावा: डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘Truth Social’ पर लिखा कि ईरान अब पूरी तरह बर्बाद हो चुका है और वह होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को खोलना चाहता है, लेकिन वह बिना परमाणु समझौते के कोई डील नहीं कर पाएगा.
  • लंबे समय की तैयारी: वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप ने अपनी सुरक्षा टीम को ईरान के बंदरगाहों की लंबी नाकाबंदी के लिए तैयार रहने को कहा है.

सऊदी अरब की चिंता और अन्य देशों का असर

इस पूरे विवाद में सऊदी अरब काफी चिंतित है. खबरों के मुताबिक, सऊदी अरब ट्रंप प्रशासन पर दबाव डाल रहा है कि वह नाकाबंदी हटा ले. सऊदी को डर है कि अगर हालात और बिगड़े तो ईरान ‘बाब अल-मंडब’ जैसे अन्य व्यापारिक रास्तों को निशाना बना सकता है, जिससे पूरी दुनिया का व्यापार प्रभावित होगा. वहीं, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने रूस का दौरा किया और राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की. डोनाल्ड ट्रंप ने ब्रिटेन के राजा चार्ल्स तीसरे के साथ एक डिनर के दौरान यह भी दावा किया कि अमेरिका ने ईरान को सैन्य तौर पर हरा दिया है.

Frequently Asked Questions (FAQs)

डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान की नाकाबंदी हटाने के लिए क्या शर्त रखी है?

डोनाल्ड ट्रंप ने साफ कहा है कि जब तक ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर एक ठोस और अंतिम समझौता नहीं हो जाता, तब तक वह समुद्री नाकाबंदी को नहीं हटाएंगे.

इस विवाद का ईरान की अर्थव्यवस्था पर क्या असर पड़ा है?

समुद्री नाकाबंदी के कारण ईरान की अर्थव्यवस्था को भारी नुकसान हुआ है और ईरानी रियाल की कीमत अमेरिकी डॉलर के मुकाबले अपने अब तक के सबसे निचले स्तर पर गिर गई है.

सऊदी अरब इस मामले में क्यों चिंतित है?

सऊदी अरब को डर है कि नाकाबंदी के कारण ईरान गुस्से में बाब अल-मंडब जैसे महत्वपूर्ण व्यापारिक समुद्री रास्तों को बंद कर सकता है, जिससे ग्लोबल ट्रेड पर बुरा असर पड़ेगा.

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.