अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर एक बहुत बड़ा फैसला सुनाया है। उन्होंने साफ कर दिया है कि ईरान के साथ किसी भी समझौते में पहले उसकी जब्त की गई संपत्ति को वापस नहीं किया जाएगा और न ही उस पर लगे प्रतिबंधों में कोई ढील दी जाएगी। ट्रंप ने जोर देकर कहा है कि अमेरिका किसी भी कीमत पर ईरान के संवर्धित यूरेनियम यानी Highly Enriched Uranium को अपने कब्जे में लेकर रहेगा। यह बयान ऐसे समय आया है जब खाड़ी देशों में सैन्य तनाव काफी बढ़ा हुआ है और बातचीत के रास्ते बंद दिखाई दे रहे हैं।
ट्रंप ने ईरान के सामने रखी कड़ी शर्तें, सैन्य कार्रवाई की दी चेतावनी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान पर से प्रतिबंध तभी हटाए जाएंगे जब वह अपने व्यवहार में सुधार करेगा। उन्होंने कहा कि अगर वे सही तरीके से काम करते हैं, तभी बातचीत आगे बढ़ेगी। ट्रंप ने सख्त लहजे में चेतावनी दी कि अगर दोनों देशों के बीच कोई समझौता नहीं होता है, तो अमेरिका ईरान के खिलाफ बहुत सख्त सैन्य कार्रवाई कर सकता है। उन्होंने यह भी साफ किया कि अमेरिका ईरान के परमाणु मटीरियल को नष्ट करने या वहां से बाहर निकालने के लिए अपने सैन्य उपकरणों का इस्तेमाल करेगा।
ईरान ने लगाया अमेरिका पर आरोप, बातचीत रुकी
दूसरी तरफ, ईरान ने अमेरिका पर संघर्षविराम का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है। यह आरोप तब लगा जब अमेरिकी सेना ने ईरान के कुछ हमलावर ड्रोन मार गिराए और उसके तटीय रडार ठिकानों पर जवाबी हमले किए। ईरान के सर्वोच्च नेता के सैन्य सलाहकार मोहसेन रजाई ने कहा है कि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत अभी पूरी तरह रुकी हुई है। उन्होंने अमेरिका से मांग की है कि वह पहले ईरान की अरबों डॉलर की जब्त संपत्ति को छोड़े ताकि दोनों देशों के बीच भरोसा बन सके।
खाड़ी देशों पर हुए मिसाइल हमलों की निंदा
इस तनाव के बीच, खाड़ी सहयोग परिषद यानी GCC ने सदस्य देशों पर ईरान के हमलों की कड़ी निंदा की है। हाल ही में ईरान की तरफ से कुवैत और बहरीन की ओर सात बैलिस्टिक मिसाइलें दागी गई थीं, जिनमें से ज्यादातर मिसाइलों को सुरक्षा प्रणालियों ने हवा में ही नष्ट कर दिया था। इस हमले के बाद पूरे खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है, जिससे वहां रह रहे प्रवासी भी डरे हुए हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
क्या अमेरिका ईरान पर से प्रतिबंध हटाने को तैयार है?
नहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ किया है कि जब तक ईरान अपने व्यवहार में सुधार नहीं करता और अपना परमाणु कार्यक्रम बंद नहीं करता, तब तक उस पर से कोई भी प्रतिबंध नहीं हटाया जाएगा और न ही उसकी जब्त संपत्ति वापस मिलेगी।
कुवैत और बहरीन पर क्या असर हुआ है?
ईरान की तरफ से कुवैत और बहरीन पर सात बैलिस्टिक मिसाइलें दागी गई थीं। हालांकि सुरक्षा प्रणालियों ने ज्यादातर मिसाइलों को हवा में ही मार गिराया, लेकिन इससे खाड़ी क्षेत्र में तनाव काफी बढ़ गया है।
