अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे तनाव के बीच एक बड़ी खबर आई है। डोनाल्ड ट्रम्प ने दावा किया है कि ईरान अब पहले के मुकाबले ज़्यादा लचीला रुख अपना रहा है और समझौता करना चाहता है। इस पूरी बातचीत का सबसे मुख्य मुद्दा यह है कि ईरान के पास परमाणु हथियार न हों। ट्रम्प के अनुसार, इस दिशा में अब प्रगति के संकेत मिल रहे हैं।
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ट्रम्प ने ईरान और समझौते के बारे में क्या कहा?
डोनाल्ड ट्रम्प ने बताया कि ईरान अब उन बातों पर सहमत हो रहा है जिन पर वह पहले राजी नहीं था। उन्होंने दावा किया कि ईरान परमाणु हथियार न रखने पर सहमत है और अमेरिका को होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल व्यापार को लेकर एक तोहफे का प्रस्ताव भी दिया है। ट्रम्प का मानना है कि पहले ईरान के परमाणु ठिकानों पर हुए हमलों ने उसे बातचीत के लिए मजबूर किया है। हालांकि, उन्होंने यह चेतावनी भी दी कि अगर समझौता नहीं हुआ तो संघर्ष फिर से शुरू हो सकता है और अमेरिका ईरान के यूरेनियम भंडार पर कब्जा कर लेगा।
इस्लामाबाद वार्ता और दूसरे दौर की बातचीत का क्या अपडेट है?
अमेरिका और ईरान के बीच पाकिस्तान के इस्लामाबाद में पहले दौर की बातचीत हुई थी, जो लगभग 21 घंटे तक चली। यह वार्ता बिना किसी अंतिम समझौते के खत्म हुई क्योंकि परमाणु हथियारों पर प्रतिबंध की समय सीमा को लेकर दोनों देशों में सहमति नहीं बनी। अमेरिका ने 20 साल के प्रतिबंध का प्रस्ताव रखा था, जबकि ईरान केवल 5 साल के लिए तैयार था। अब दूसरे दौर की बातचीत जिनेवा या इस्लामाबाद में होने की संभावना है। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने परमाणु मुद्दे पर कुछ प्रगति की बात कही है।
परमाणु हथियारों पर ईरान और IAEA का क्या रुख है?
ईरान ने परमाणु हथियार विकसित करने की बात से साफ इनकार किया है और इसे झूठा आरोप बताया है। ईरान के विदेश मंत्रालय ने कहा कि वह यूरेनियम संवर्धन के अपने अधिकारों से समझौता नहीं करेगा। दूसरी ओर, अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के महानिदेशक राफेल ग्रॉसी ने चेतावनी दी है कि बिना सख्त निगरानी और सत्यापन के कोई भी समझौता सिर्फ एक भ्रम होगा। IAEA के मुताबिक, ईरान के पास करीब 440.9 किलोग्राम यूरेनियम है जो 60% तक संवर्धित है, जिससे परमाणु बम बनाए जा सकते हैं।
| मुख्य बिंदु | विवरण |
|---|---|
| डोनाल्ड ट्रम्प का दावा | ईरान समझौते के लिए तैयार और लचीला हुआ |
| मुख्य मुद्दा | ईरान के पास परमाणु हथियार न होना |
| इस्लामाबाद वार्ता | 21 घंटे चली बातचीत, बिना समझौते के खत्म हुई |
| प्रतिबंध का विवाद | अमेरिका ने 20 साल और ईरान ने 5 साल का प्रस्ताव दिया |
| IAEA की रिपोर्ट | ईरान के पास 440.9 किलो 60% संवर्धित यूरेनियम |
| अगली वार्ता | जिनेवा या इस्लामाबाद में संभावित |
| ईरान का स्टैंड | यूरेनियम संवर्धन अधिकारों पर कोई समझौता नहीं |
