अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर एक बड़ा दावा किया है। ट्रंप के मुताबिक ईरानी वार्ताकारों ने खुद उन्हें बताया कि बमबारी में नष्ट हुई सुविधाओं से अब सिर्फ न्यूक्लियर डस्ट यानी परमाणु धूल ही मिलेगी। ट्रंप का कहना है कि ईरान के पास इन तबाह हो चुकी जगहों को दोबारा बनाने की तकनीक नहीं है।

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ट्रंप ने परमाणु धूल और प्रोजेक्ट फ्रीडम के बारे में क्या कहा?

Donald Trump ने 11 मई 2026 को बताया कि ईरानी वार्ताकारों ने उनसे कहा है कि नष्ट हुई परमाणु सुविधाओं से परमाणु धूल हटानी होगी क्योंकि ईरान के पास इसे हटाने का तरीका नहीं है। इससे पहले अप्रैल 2026 में भी उन्होंने दावा किया था कि ईरान जून 2025 के अमेरिकी हवाई हमलों के बाद जमीन में दबी इस परमाणु धूल को सौंपने पर सहमत हो गया है। ट्रंप ने इस धूल को बहुत ज्यादा समृद्ध यूरेनियम बताया। इसके साथ ही उन्होंने प्रोजेक्ट फ्रीडम को फिर से शुरू करने की बात कही है जो मिडिल ईस्ट की सुरक्षा और सैन्य मुद्दों पर काम करेगा।

अमेरिकी खुफिया एजेंसी और IAEA की रिपोर्ट में क्या है?

  • अमेरिकी खुफिया एजेंसी: जून 2025 में व्हाइट हाउस और CIA ने ट्रंप के दावे का समर्थन किया था कि सुविधाएं पूरी तरह नष्ट हो गईं। लेकिन उसी समय रक्षा खुफिया एजेंसी (DIA) की एक रिपोर्ट में कहा गया कि ईरान का परमाणु कार्यक्रम सिर्फ कुछ महीनों के लिए रुका था, पूरी तरह मिटा नहीं था।
  • IAEA का बयान: अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी के प्रमुख राफेल ग्रॉसी ने मई 2026 तक यह माना कि ईरान के पास 60% समृद्ध यूरेनियम का बड़ा भंडार है, जिसका लगभग आधा हिस्सा इस्फ़हान में एक सुरंग में रखा था। उन्होंने ईरान द्वारा जांच अधिकारियों को पूरी पहुंच न देने पर चिंता जताई है।
  • ईरान की स्थिति: ईरानी विदेश मंत्रालय ने माना था कि उनके ठिकाने बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुए थे। हालांकि, सैटेलाइट तस्वीरों से पता चला कि फरवरी 2026 तक आधे से ज्यादा परमाणु और मिसाइल साइटों पर फिर से निर्माण कार्य शुरू हो गया था।

Frequently Asked Questions (FAQs)

क्या ईरान ने ट्रंप के दावों की पुष्टि की है?

नहीं, ईरान ने अभी तक इस बात की पुष्टि नहीं की है कि उसने अमेरिकी और पाकिस्तानी वार्ताकारों के साथ बातचीत में ऐसी कोई रियायत दी है।

IAEA ने ईरान के यूरेनियम को लेकर क्या चिंता जताई है?

IAEA के अनुसार ईरान के पास 440 किलोग्राम 60% समृद्ध यूरेनियम है और निरीक्षकों को पूरी पहुंच न मिलने के कारण यह तय करना मुश्किल है कि कार्यक्रम शांतिपूर्ण है या नहीं।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.