अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान के साथ बातचीत को लेकर एक ऐसा बयान दिया है जिसने सबको हैरान कर दिया है. ट्रंप ने साफ कहा कि जब वह ईरान के साथ डील की बात करते हैं, तो उन्हें अमेरिकियों की आर्थिक स्थिति या उनके पैसों की कोई चिंता नहीं होती. उनके लिए सबसे बड़ी प्राथमिकता यह है कि ईरान किसी भी कीमत पर परमाणु हथियार न बना पाए.

ट्रंप ने ईरान डील और सुरक्षा पर क्या कहा?

राष्ट्रपति Donald Trump ने मंगलवार, 12 मई 2026 को चीन जाने से पहले अपनी बात रखी. उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोकना ही उनका एकमात्र मकसद है. जब उनसे पूछा गया कि क्या अमेरिकियों की खराब आर्थिक स्थिति इस डील के लिए कोई वजह है, तो उन्होंने जवाब दिया कि ऐसा बिल्कुल भी नहीं है. उन्होंने कहा कि केवल परमाणु हथियारों को रोकना ही उन्हें प्रेरित करता है.

इस मामले में व्हाइट हाउस के कम्युनिकेशंस डायरेक्टर Steven Cheung ने भी अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति की सबसे बड़ी जिम्मेदारी अमेरिकियों की सुरक्षा करना है. उन्होंने चेतावनी दी कि अगर समय पर कदम नहीं उठाए गए, तो ईरान परमाणु हथियार बना लेगा, जो सभी अमेरिकियों के लिए खतरा होगा.

अर्थव्यवस्था और युद्ध का क्या है कनेक्शन?

अमेरिका में इस समय आम जनता महंगाई और गैस की बढ़ती कीमतों से परेशान है. अप्रैल के महीने में कंज्यूमर इन्फ्लेशन पिछले तीन सालों में सबसे ज्यादा रहा. इसके बावजूद ट्रंप का कहना है कि वह पहले युद्ध जीतेंगे. उन्होंने दावा किया कि जब ईरान के साथ यह युद्ध खत्म होगा, तब तेल की कीमतें गिरेंगी और महंगाई में भी बड़ी कमी आएगी.

  • बजट की मांग: अमेरिकी पेंटागन ने अगले साल के लिए 1.5 ट्रिलियन डॉलर के डिफेंस बजट की मांग की है.
  • शांति प्रस्ताव: ईरान ने 10 मई 2026 को पाकिस्तान के जरिए एक प्रस्ताव भेजा था, जिसे ट्रंप ने ‘कचरा’ बताकर खारिज कर दिया.
  • युद्ध की स्थिति: अमेरिका और ईरान के बीच यह युद्ध पिछले 11 हफ्तों से चल रहा है.

Frequently Asked Questions (FAQs)

डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के शांति प्रस्ताव पर क्या प्रतिक्रिया दी?

डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान द्वारा 10 मई 2026 को भेजे गए शांति प्रस्ताव को ‘कचरा’ बताया और कहा कि उन्होंने इसे पूरा पढ़ा भी नहीं है.

पेंटागन ने रक्षा बजट के लिए कितनी राशि मांगी है?

अमेरिकी पेंटागन ने आने वाले साल के लिए 1.5 ट्रिलियन डॉलर का डिफेंस बजट मांगा है, जिसे डिफेंस सेक्रेटरी Pete Hegseth ने ‘वॉरफाइटिंग बजट’ कहा है.