अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने एक बार फिर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि Iran किसी भी हाल में परमाणु हथियार नहीं बना सकता। ट्रंप ने इस बात पर जोर दिया कि दुनिया की सुरक्षा के लिए यह जरूरी है कि परमाणु हथियार गलत हाथों में न जाएं। इस मुद्दे को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव बढ़ गया है और कई बड़े देश अब इस मामले में दखल दे रहे हैं।
ट्रंप और दुनिया के बड़े देशों का क्या स्टैंड है?
- 4 मई 2026 को Donald Trump ने एक ट्वीट में साफ किया कि Iran को परमाणु हथियार रखने की इजाजत नहीं दी जा सकती।
- 3 मई को एक बयान में उन्होंने कहा कि हम पागलों के हाथ में परमाणु हथियार नहीं देख सकते।
- जर्मनी के विदेश मंत्री Johann Wadephul ने भी मांग की कि Iran को अपने परमाणु हथियारों के प्रोग्राम को पूरी तरह छोड़ देना चाहिए।
- European Union (EU) ने 27 अप्रैल को कहा कि डिप्लोमेसी ही एकमात्र रास्ता है और Iran को NPT के कानूनी नियमों का पालन करना होगा।
बातचीत और ईरान के नए प्रस्ताव का क्या असर होगा?
ईरान और अमेरिका के बीच तनाव कम करने के लिए बातचीत चल रही है जिसमें Pakistan एक मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है। 2 मई को Iran ने युद्ध खत्म करने के लिए 14 पॉइंट्स का एक प्रस्ताव भेजा था लेकिन Donald Trump ने इसे नामंजूर कर दिया क्योंकि इसमें परमाणु प्रोग्राम पर चर्चा को टाल दिया गया था।
इसके बाद 3 मई को Iran ने अपना रुख थोड़ा नरम किया और यूरेनियम संवर्धन (enrichment) को 3.5 प्रतिशत तक सीमित करने की बात कही। साथ ही उन्होंने अपने पुराने यूरेनियम स्टॉक को धीरे-धीरे कम करने का प्रस्ताव भी दिया है। हालांकि Iran के सुप्रीम लीडर Khamenei ने 1 मई को साफ कहा था कि परमाणु संवर्धन और मिसाइल प्रोग्राम उनके देश की संपत्ति हैं और इस पर कोई समझौता नहीं होगा।
क्या परमाणु हमले का कोई खतरा है?
परमाणु हथियारों के इस्तेमाल को लेकर 2 मई को Donald Trump ने कहा कि परमाणु हथियार कभी भी किसी के द्वारा इस्तेमाल नहीं होने चाहिए। वहीं Carnegie Endowment की एक रिपोर्ट में यह बात सामने आई कि Iran ग्लोबल इकोनॉमी को दबाने के लिए Strait of Hormuz का सहारा ले सकता है ताकि वह अपने परमाणु प्रोग्राम को चुपके से फिर से खड़ा कर सके।
Frequently Asked Questions (FAQs)
Donald Trump ने ईरान के परमाणु हथियारों पर क्या कहा है
ट्रंप ने साफ किया है कि ईरान परमाणु हथियार नहीं रख सकता और उनका मानना है कि ऐसे खतरनाक हथियार पागलों के हाथ में नहीं होने चाहिए।
ईरान ने बातचीत के लिए क्या नया ऑफर दिया है
ईरान ने यूरेनियम संवर्धन को 3.5 प्रतिशत तक सीमित करने और अपने यूरेनियम स्टॉक को धीरे-धीरे कम करने का प्रस्ताव दिया है।