अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान को लेकर बहुत सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने साफ़ कर दिया है कि अमेरिका किसी भी कीमत पर ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देगा। Trump का कहना है कि वह 100% आश्वस्त हैं कि ईरान यूरेनियम बनाना बंद कर देगा, हालांकि उन्होंने ईरान के ताजा शांति प्रस्ताव को पूरी तरह खारिज कर दिया है।
Trump ने ईरान के परमाणु प्रोग्राम और बातचीत पर क्या कहा?
Donald Trump ने बताया कि उन्होंने ईरान के अधिकारियों से सीधे बातचीत की है। अमेरिका के विशेष दूत Steve Witkoff और ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi के बीच बातचीत के रास्ते फिर से खुले हैं। Trump ने कहा कि अमेरिका ईरान से “परमाणु धूल” (Nuclear Dust) यानी जमा किए गए यूरेनियम को वापस लेगा। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान को परमाणु हथियार बनाने की अनुमति नहीं दी जा सकती क्योंकि वे इसका इस्तेमाल कर सकते हैं।
प्रतिबंधों और आर्थिक दबाव का क्या असर होगा?
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि वह ईरान के साथ किसी समझौते के लिए जल्दबाजी नहीं करेंगे। उनके मुताबिक, अमेरिका ने ईरान पर जो कड़ा प्रतिबंध या नाकाबंदी लगाई है, उससे ईरान के पास पैसों की कमी हो गई है। 12 मई 2026 को अमेरिका के ट्रेजरी विभाग ने नए प्रतिबंध लगाए हैं। ये प्रतिबंध उन लोगों और कंपनियों पर हैं जो ईरान के तेल को चीन भेजने में मदद कर रहे थे, ताकि IRGC को पैसा मिल सके।
ईरान का प्रस्ताव क्यों खारिज हुआ और अब आगे क्या होगा?
ईरान ने शांति के लिए एक प्रस्ताव भेजा था, जिसे Trump ने “कचरा” और अस्वीकार्य बताया। ईरान ने इस प्रस्ताव में युद्ध के नुकसान की भरपाई, हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) पर अपनी संप्रभुता और प्रतिबंध हटाने जैसी मांगें की थीं। Trump ने कहा कि फिलहाल सीजफायर की स्थिति बहुत कमजोर है। इसके अलावा, Trump जल्द ही चीन के राष्ट्रपति Xi Jinping से मिलने बीजिंग जाएंगे, जहां ईरान का मुद्दा मुख्य चर्चा का विषय होगा। दूसरी ओर, संयुक्त राष्ट्र ने चेतावनी दी है कि अगर हॉर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव बढ़ा, तो खाद की सप्लाई रुकने से भुखमरी का संकट पैदा हो सकता है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
Donald Trump ने ईरान के प्रस्ताव को क्यों खारिज किया?
ईरान ने अपने प्रस्ताव में युद्ध के नुकसान के मुआवजे, हॉर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण और तेल प्रतिबंध हटाने की मांग की थी, जिसे Trump ने पूरी तरह अस्वीकार्य बताया।
12 मई 2026 को लगाए गए नए अमेरिकी प्रतिबंधों का उद्देश्य क्या है?
इन प्रतिबंधों का मकसद उन संस्थाओं को रोकना है जो ईरान के तेल को चीन भेजकर IRGC और परमाणु हथियारों के प्रोग्राम के लिए पैसा जुटाने में मदद कर रहे हैं।
