Iran-US Deal: डोनाल्ड ट्रंप और ईरान के बीच होगी बड़ी बातचीत, पाकिस्तान बनेगा गवाह, परमाणु हथियारों पर बनी सहमति
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ शांति समझौते को लेकर एक बड़ी जानकारी दी है. उन्होंने बताया कि अमेरिका और ईरान के बीच डील होने के बहुत करीब हैं और इसके लिए बातचीत पाकिस्तान में हो सकती है. इस समझौते से दुनिया भर में तेल की कीमतों में कमी आ सकती है और महंगाई कम होने की उम्मीद है.
ईरान और अमेरिका के बीच क्या सहमति बनी है?
ट्रंप के मुताबिक ईरान लगभग हर बात पर राजी हो गया है. ईरान अब परमाणु हथियार नहीं रखेगा और उसने अमेरिका को यूरेनियम वापस देने की बात मानी है. हालांकि, ट्रंप ने साफ किया है कि जब तक पूरी डील 100% खत्म नहीं हो जाती, तब तक ईरान के बंदरगाहों की समुद्री नाकाबंदी जारी रहेगी. इस पूरी प्रक्रिया में अमेरिका की कोई जमीनी सेना शामिल नहीं होगी.
पाकिस्तान की क्या भूमिका है और अगली मीटिंग कब होगी?
इस पूरी बातचीत में पाकिस्तान एक बड़े मध्यस्थ के रूप में काम कर रहा है. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और फील्ड मार्शल सैयद आसिम मुनीर इस राजनयिक कोशिश में जुटे हुए हैं. खबरों के मुताबिक, बातचीत का दूसरा दौर 20 से 22 अप्रैल के बीच इस्लामाबाद में हो सकता है. ईरान ने इस बीच इसराइल और लेबनान के बीच युद्धविराम कराने के लिए पाकिस्तान का शुक्रिया भी अदा किया है.
| मुख्य बिंदु | जानकारी |
|---|---|
| मुख्य मध्यस्थ | पाकिस्तान |
| अगली मीटिंग की तारीख | 20 से 22 अप्रैल 2026 |
| मीटिंग की जगह | इस्लामाबाद, पाकिस्तान |
| ईरान की शर्त | परमाणु हथियार नहीं रखना और यूरेनियम वापस देना |
| अमेरिका की शर्त | डील पूरी होने तक समुद्री नाकाबंदी जारी रहेगी |
| संभावित असर | तेल की कीमतों और महंगाई में कमी |
| अन्य प्रभाव | इसराइल और लेबनान के बीच 10 दिन का युद्धविराम |