अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान को लेकर एक बड़ा फैसला सुनाया है। Trump ने साफ कर दिया है कि ईरान अगर अपना अत्यधिक संवर्धित यूरेनियम (highly enriched uranium) छोड़ भी देता है, तो भी उसे अमेरिकी प्रतिबंधों से कोई राहत नहीं मिलेगी। इस फैसले के बाद दोनों देशों के बीच चल रही शांति वार्ता संकट में आ गई है और खाड़ी देशों के अधिकारी भी इस पर करीब से नजर रख रहे हैं।

क्या है पूरा मामला और Donald Trump ने क्या कहा?

अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट और पीबीएस न्यूज के अनुसार, राष्ट्रपति Donald Trump ने कैबिनेट बैठक के दौरान यह बयान दिया। अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio ने बताया कि ईरान के साथ होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को दोबारा खोलने और सीजफायर को आगे बढ़ाने पर बातचीत अभी कुछ दिन और चलेगी। उन्होंने कहा कि Trump या तो एक अच्छा समझौता चाहते हैं या फिर कोई समझौता नहीं करना चाहते। वहीं, पूर्व अमेरिकी राजदूत Barbara Leaf के अनुसार, इस प्रस्ताव पर खाड़ी देशों के अधिकारियों के बीच एक अजीब सी चुप्पी देखी गई है।

वार्ता टूटने की कगार पर क्यों पहुंची?

दोनों देशों के बीच बातचीत में तनाव तब बढ़ गया जब अमेरिकी सेना ने ईरान के मिसाइल लॉन्च साइटों और माइन बिछाने वाली नावों पर रक्षात्मक हमले किए। ईरान ने इन हमलों को अमेरिका की बदनीयती करार दिया है। ईरान का साफ कहना है कि बातचीत आगे बढ़ाने के लिए विदेशों में जमी उसकी संपत्ति को बहाल करना जरूरी है, जबकि अमेरिकी राष्ट्रपति का कहना है कि जब तक परमाणु सामग्री नष्ट नहीं होती, तब तक प्रतिबंध नहीं हटेंगे। इस बीच इसराइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने भी इस कूटनीतिक प्रक्रिया पर गहरा संदेह जताया है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

क्या ईरान को यूरेनियम छोड़ने पर प्रतिबंधों से राहत मिलेगी?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्पष्ट किया है कि ईरान को अपना अत्यधिक संवर्धित यूरेनियम (highly enriched uranium) छोड़ने के बदले में कोई प्रतिबंध राहत नहीं दी जाएगी।

ईरान और अमेरिका के बीच वार्ता में कौन मध्यस्थता कर रहा है?

इस महत्वपूर्ण शांति वार्ता में पाकिस्तान मध्यस्थ देश के रूप में काम कर रहा है, जबकि खाड़ी देश और इसराइल इस पूरी स्थिति पर कड़ी नजर रख रहे हैं।