अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ युद्ध खत्म होने का दावा किया है। ट्रंप ने कांग्रेस को भेजे एक पत्र में कहा कि ईरान के खिलाफ शुरू हुई सैन्य कार्रवाई अब पूरी तरह समाप्त हो चुकी है। हालांकि, हकीकत यह है कि मध्य पूर्व में अमेरिकी सेना अब भी तैनात है और सैन्य गतिविधियां पूरी तरह बंद नहीं हुई हैं, जिसकी वजह से अमेरिका में राजनीतिक बहस तेज हो गई है।

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ट्रंप के दावे और 60 दिन की कानूनी समयसीमा का क्या मामला है?

अमेरिका में ‘वॉर पावर्स रेजोल्यूशन 1973’ नाम का एक कानून है। इस कानून के मुताबिक, राष्ट्रपति अगर बिना कांग्रेस की मंजूरी के सेना भेजते हैं, तो उन्हें 48 घंटे के भीतर इसकी रिपोर्ट देनी होती है और 60 दिनों के अंदर सैन्य कार्रवाई खत्म करनी होती है, जब तक कि कांग्रेस इसकी अनुमति न दे दे।

  • सैन्य कार्रवाई की शुरुआत: अमेरिका और इसराइल ने 28 फरवरी 2026 को ईरान के शहरों पर हमले किए थे।
  • रिपोर्ट की तारीख: डोनाल्ड ट्रंप ने 2 मार्च 2026 को औपचारिक रूप से कांग्रेस को इसकी जानकारी दी थी।
  • कानूनी डेडलाइन: इस हिसाब से मंजूरी लेने की समयसीमा 1 मई 2026 तक थी।
  • सरकार का तर्क: युद्ध सचिव पीट हेगसेथ ने कहा कि 7 अप्रैल 2026 से दोनों पक्षों के बीच गोलीबारी बंद है, इसलिए युद्ध खत्म माना जाए और 60 दिन वाली समयसीमा अब लागू नहीं होती।

मिडल ईस्ट की स्थिति और तेल बाजार पर क्या असर पड़ा?

भले ही ट्रंप ने युद्ध खत्म होने का दावा किया हो, लेकिन जमीन पर हालात अब भी तनावपूर्ण हैं। अमेरिका ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में नौसैनिक नाकेबंदी जारी रखी है ताकि ईरानी तेल टैंकर अंतरराष्ट्रीय पानी में न जा सकें। इस वजह से पूरी दुनिया में तेल का संकट बढ़ा है और आर्थिक दबाव देखा गया है।

ट्रंप ने इस युद्ध में अपनी जीत का दावा किया है और कहा है कि ईरान की नौसेना और वायुसेना काफी कमजोर हो चुकी है। उन्होंने 25 मार्च 2026 को ईरान के सामने 15 सूत्रीय शांति योजना भी रखी थी, जिसमें परमाणु कार्यक्रम खत्म करने के बदले प्रतिबंध हटाने की बात कही गई थी।

अमेरिकी नेताओं और विपक्षी दलों ने क्या कहा है?

डेमोक्रेटिक पार्टी के नेताओं और कई कानूनी विशेषज्ञों ने ट्रंप के इस दावे को खारिज कर दिया है। सीनेटर टिम केन और एडम शिफ जैसे नेताओं का कहना है कि सिर्फ युद्धविराम (ceasefire) होने से कानूनी समयसीमा नहीं रुकती। उनका मानना है कि यह कदम सिर्फ कांग्रेस की निगरानी से बचने के लिए उठाया गया है, जिससे अमेरिका में एक बड़ा संवैधानिक संकट खड़ा हो सकता है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

वॉर पावर्स रेजोल्यूशन 1973 क्या है?

यह एक अमेरिकी कानून है जो राष्ट्रपति की सैन्य शक्तियों को सीमित करता है। इसके तहत राष्ट्रपति को सैन्य कार्रवाई के 60 दिनों के भीतर कांग्रेस से मंजूरी लेनी होती है, वरना कार्रवाई बंद करनी पड़ती है।

अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य टकराव कब शुरू हुआ था?

यह टकराव 28 फरवरी 2026 को शुरू हुआ था, जब अमेरिका और इसराइल ने मिलकर ईरान के तेहरान और अन्य शहरों पर हमले किए थे।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.