अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुँच गया है। ट्रंप ने ईरान के शांति प्रस्ताव को पूरी तरह खारिज कर दिया है, जबकि खाड़ी देशों में ड्रोन हमले और समुद्री टकराव ने हालात और बिगाड़ दिए हैं। इस खींचतान का सीधा असर पूरे मिडिल ईस्ट और वहां रहने वाले प्रवासियों पर पड़ सकता है।

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ट्रंप ने ईरान के प्रस्ताव को क्यों नकारा और क्या है विवाद

11 मई 2026 को Donald Trump ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर ईरान के शांति प्रस्ताव को पूरी तरह अस्वीकार्य बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि ईरान पिछले 47 सालों से अमेरिका के साथ खेल खेल रहा है और अब यह बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

  • ईरान की मांगें: ईरान ने पाकिस्तानी मध्यस्थों के जरिए प्रस्ताव भेजा था जिसमें लेबनान में युद्ध रोकने, सभी अमेरिकी प्रतिबंध हटाने, तेल बिक्री शुरू करने और अपनी जमी हुई संपत्ति वापस पाने की मांग की गई थी।
  • ईरानी प्रतिक्रिया: ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने साफ कहा कि वे दुश्मन के आगे कभी नहीं झुकेंगे। वहीं, भारत में ईरानी दूतावास ने कहा कि अमेरिकी प्रस्ताव को मानना ट्रंप की नाजायज मांगों के आगे झुकना होगा।
  • इजराइल का रुख: प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने शर्त रखी है कि जब तक ईरान अपने परमाणु साइट्स और समृद्ध यूरेनियम को खत्म नहीं करता, युद्ध खत्म नहीं होगा।

UAE और कतर में ड्रोन हमले, समुद्र में बढ़ी हलचल

क्षेत्र में सैन्य गतिविधियां काफी बढ़ गई हैं जिससे आम लोगों और व्यापार पर असर पड़ रहा है। 11 मई को UAE ने ईरान की तरफ से आए दो ड्रोन को हवा में ही रोका। इसी दौरान कतर ने भी अपने समुद्री इलाके में अबू धाबी के एक कार्गो शिप पर ड्रोन हमले की जानकारी दी।

  • तेल टैंकर पर हमला: 10 मई को अमेरिकी सेना ने Strait of Hormuz में ईरान के दो तेल टैंकरों को रोक दिया और उन्हें बेकार कर दिया क्योंकि वे अमेरिकी नाकेबंदी का उल्लंघन कर रहे थे।
  • लेबनान में तनाव: Hezbollah ने 10 मई को इजरायली सैन्य बेस पर मिसाइलें दागीं, जिसके जवाब में इजरायल ने लेबनान में हमले किए और कम से कम 8 लोग मारे गए।
  • फ्रांस और ब्रिटेन की चेतावनी: ईरान के डिप्टी विदेश मंत्री Kazem Gharibabadi ने कहा कि अगर फ्रांस और ब्रिटेन ने समुद्र में सुरक्षा के नाम पर अपनी मौजूदगी बढ़ाई, तो इसका जवाब कड़ा होगा।

क्या चीन की यात्रा से सुलझेगा मामला

फिलहाल यह युद्ध एक ठहराव की स्थिति में है जहां एक तरफ हमले हो रहे हैं और दूसरी तरफ बातचीत की कोशिशें जारी हैं। कतर और सऊदी अरब इस समय युद्धविराम कराने की कोशिश कर रहे हैं।

Donald Trump 13 से 15 मई तक चीन के दौरे पर रहेंगे। वहां वे राष्ट्रपति Xi Jinping के साथ ईरान मामले और व्यापार पर चर्चा करेंगे। उम्मीद है कि इस मुलाकात से तनाव कम करने का कोई रास्ता निकलेगा। वहीं, ईरान के अंदर भी कुछ लोग सरकार की समुद्री रणनीति पर सवाल उठा रहे हैं, जिसके कारण वहां कुछ पत्रकारों पर कानूनी कार्रवाई की गई है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

ट्रंप ने ईरान के शांति प्रस्ताव पर क्या प्रतिक्रिया दी?

ट्रंप ने ईरान के प्रस्ताव को पूरी तरह अस्वीकार्य बताया और कहा कि ईरान दशकों से अमेरिका के साथ खेल खेल रहा है।

ईरान की अमेरिका से मुख्य मांगें क्या हैं?

ईरान चाहता है कि लेबनान में युद्ध रुके, सभी अमेरिकी प्रतिबंध हटें, तेल बिक्री की अनुमति मिले और उसकी जमी हुई संपत्ति वापस की जाए।

UAE और कतर में हाल ही में क्या हुआ?

11 मई को UAE ने ईरान से आए दो ड्रोन इंटरसेप्ट किए और कतर ने अबू धाबी के एक कार्गो शिप पर ड्रोन हमले की खबर दी।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.