अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने बड़ा दावा किया है कि ईरान के साथ चल रही जंग को इसी हफ्ते के भीतर सुलझाया जा सकता है। व्हाइट हाउस से मिली जानकारी के अनुसार, ट्रम्प का मानना है कि ईरानी सेना अब पूरी तरह कमजोर हो गई है और उनकी सैन्य ताकत लगभग खत्म हो चुकी है। सऊदी न्यूज आउटलेट्स के मुताबिक, ट्रम्प ने कहा कि अगर तय शर्तों को माना जाता है, तो यह युद्ध बहुत जल्द खत्म हो जाएगा।

ईरानी सेना को जंग में कितना नुकसान हुआ?

अमेरिकी राष्ट्रपति ने बताया कि ‘Operation Epic Fury’ के तहत ईरान की वायुसेना और नौसेना को भारी नुकसान पहुंचा है। सैन्य आंकड़ों के हिसाब से स्थिति अब काफी बदल चुकी है।

  • ईरान की बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्च करने की क्षमता में 90% की कमी आई है।
  • ड्रोन हमलों की घटनाओं में 95% तक की गिरावट देखी गई है।
  • ईरान के सुप्रीम लीडर और कई शीर्ष कमांडर अब सत्ता में नहीं रहे।
  • ईरान की नौसेना के बड़े जहाजों को नष्ट कर दिया गया है।

जंग का दुनिया और खाड़ी देशों पर क्या असर पड़ा?

इस सैन्य संघर्ष का सीधा असर ग्लोबल मार्केट और तेल की सप्लाई पर पड़ा है। सऊदी अरब इस मामले में अपनी सुरक्षा को लेकर बेहद चौकन्ना है और लगातार बाहरी खतरों को नाकाम कर रहा है।

विषय महत्वपूर्ण जानकारी
तेल की कीमतें कच्चे तेल का भाव 120 डॉलर से गिरकर 90 डॉलर प्रति बैरल पर आया।
सऊदी अरब रियाद और पूर्वी इलाकों में 16 मार्च को 64 ईरानी ड्रोन मार गिराए गए।
Strait of Hormuz ईरान ने यह समुद्री रास्ता बंद कर रखा है, जिसे खोलने की तैयारी है।
वैश्विक असर हवाई यात्रा और ईंधन निर्यात में भारी रुकावटें आ रही हैं।

ट्रम्प ने साफ किया है कि हालांकि सैन्य लक्ष्य लगभग पूरे हो चुके हैं, लेकिन वह अभी इसे पूरी तरह खत्म घोषित नहीं कर रहे हैं क्योंकि शर्तें अभी पूरी तरह पक्ष में नहीं हैं। सऊदी अरब के प्रिंस तुर्की अल-फैसल ने इस युद्ध पर चिंता जताई है और इसे गैर-जरूरी करार दिया है। वहीं, दूसरी ओर ईरान के राष्ट्रपति ने बिना शर्त हार मानने से इनकार किया है।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com