अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने चीन की यात्रा खत्म करने के बाद ईरान को लेकर बड़ी चेतावनी दी है। एयर फ़ोर्स वन पर पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि अमेरिका को ईरान में कुछ ‘क्लीन-अप वर्क’ यानी सफाई का काम करना पड़ सकता है। इस बयान ने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी तरफ खींचा है और मिडिल ईस्ट में तनाव और बढ़ा दिया है।
Trump ने ईरान के सामने क्या शर्तें रखीं?
President Donald Trump ने साफ तौर पर कहा कि ईरान के पास दो रास्ते हैं, या तो वह अमेरिका के साथ डील करे या फिर वह पूरी तरह तबाह हो जाएगा। उन्होंने संकेत दिया कि अगर ईरान अपनी परमाणु योजना को 20 साल के लिए रोकने का असली वादा करता है, तभी वह इस बात को स्वीकार कर सकते हैं। इसके अलावा ट्रंप ने दावा किया कि ईरान की 80 प्रतिशत मिसाइल क्षमता अब खत्म हो चुकी है।
चीन और अमेरिका के बीच क्या सहमति बनी?
चीनी राष्ट्रपति Xi Jinping और Donald Trump इस बात पर एकमत थे कि Strait of Hormuz को हर हाल में खुला रखना होगा। दोनों देशों के नेताओं ने माना कि ईरान को कभी भी परमाणु हथियार नहीं मिलने चाहिए। ट्रंप ने बताया कि Xi Jinping ने उन्हें भरोसा दिलाया है कि चीन ईरान को किसी भी तरह के सैन्य उपकरण नहीं देगा। चीन ने इस विवाद को सुलझाने और समुद्री रास्ता फिर से खोलने के लिए अपनी मदद की पेशकश भी की है।
मिडिल ईस्ट और ईरान के मौजूदा हालात क्या हैं?
इस समय मिडिल ईस्ट में हालात काफी तनावपूर्ण हैं। Strait of Hormuz के पास एक जहाज को जब्त कर ईरान की तरफ ले जाया गया और ओमान के तट पर एक भारतीय जहाज पर हमला हुआ। ईरान के भीतर भी काफी अंदरूनी कलह चल रही है और वहां पिछले 77 दिनों से इंटरनेट बंद है, जिससे आम जनता परेशान है। ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने कहा कि वे बातचीत के लिए तैयार हैं, लेकिन उन्हें अमेरिका पर भरोसा नहीं है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
क्या चीन ईरान की सैन्य मदद कर रहा है?
राष्ट्रपति Trump के अनुसार, चीनी राष्ट्रपति Xi Jinping ने उन्हें भरोसा दिलाया है कि चीन ईरान को कोई भी सैन्य उपकरण नहीं देगा।
Strait of Hormuz को लेकर अमेरिका और चीन का क्या कहना है?
दोनों देशों के नेता इस बात पर सहमत हैं कि यह महत्वपूर्ण समुद्री रास्ता खुला रहना चाहिए ताकि अंतरराष्ट्रीय व्यापार प्रभावित न हो।
