अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान को लेकर बहुत सख्त रुख अपनाया है। 15 मई 2026 को चीन की अपनी यात्रा खत्म करने के बाद उन्होंने साफ कहा कि ईरान के नेतृत्व को अब फैसला करना होगा। Trump ने चेतावनी दी कि ईरान या तो समझौता कर ले या फिर उसे पूरी तरह खत्म कर दिया जाएगा।

🗞️: भारत और रूस की बड़ी डील, 2030 तक 100 अरब डॉलर का व्यापार होगा, रक्षा और स्पेस में बढ़ेगी साझेदारी

Trump ने ईरान के परमाणु प्रस्ताव को क्यों ठुकराया?

President Trump ने ईरान की तरफ से दिए गए परमाणु समझौते के ताजा प्रस्ताव को खारिज कर दिया। उन्होंने बताया कि इस प्रस्ताव में इस बात की कोई गारंटी नहीं थी कि ईरान भविष्य में परमाणु हथियार नहीं बनाएगा। Trump ने कुछ जरूरी शर्तें रखी हैं:

  • ईरान को अपने सभी परमाणु ईंधन पूरी तरह हटाने होंगे।
  • परमाणु उत्पादन पर पूरी तरह रोक लगानी होगी।
  • अगर कोई समय सीमा तय होती है, तो वह वास्तविक और लागू करने योग्य होनी चाहिए।

चीन और सऊदी अरब का इस विवाद पर क्या स्टैंड है?

बीजिंग में राष्ट्रपति Xi Jinping के साथ बातचीत के बाद Trump ने कई अहम बातों का जिक्र किया। दोनों देशों ने इस बात पर सहमति जताई कि ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं होने चाहिए और Strait of Hormuz को तेल और गैस के आने-जाने के लिए खुला रखना जरूरी है। चीन ने वादा किया है कि वह ईरान को कोई सैन्य उपकरण नहीं देगा और विवाद सुलझाने में मदद करेगा। वहीं, सऊदी अरब ने भी इस तनाव को कम करने और बातचीत के जरिए समाधान निकालने का समर्थन किया है।

दुनिया भर में इस तनाव का क्या असर दिख रहा है?

ईरान और अमेरिका के बीच इस तनाव का असर अंतरराष्ट्रीय बैठकों में भी दिखा। 15 मई 2026 को नई दिल्ली में BRICS देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक हुई, लेकिन मिडिल ईस्ट के हालात पर आपसी सहमति नहीं बन पाई, जिसकी वजह से कोई साझा बयान जारी नहीं हो सका। फिलहाल अमेरिका और ईरान के बीच एक कमजोर युद्धविराम चल रहा है, लेकिन Trump के ताजा बयानों से तनाव फिर बढ़ गया है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

Donald Trump ने ईरान को क्या विकल्प दिए हैं?

Trump ने ईरान के नेतृत्व को दो विकल्प दिए हैं कि या तो वे अमेरिका के साथ एक ठोस डील करें या फिर उन्हें पूरी तरह तबाह कर दिया जाएगा।

चीन और अमेरिका ने Strait of Hormuz को लेकर क्या तय किया?

President Trump और Xi Jinping इस बात पर सहमत हुए कि Strait of Hormuz को ऊर्जा के मुक्त प्रवाह के लिए खुला रखना बेहद जरूरी है।