अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प तेल की शिपमेंट के लिए Jones Act की छूट को आगे बढ़ाने पर विचार कर रहे हैं। यह कदम ईरान के साथ चल रहे युद्ध की वजह से ईंधन की कीमतों में आई तेजी को रोकने के लिए उठाया जा रहा है। सरकार चाहती है कि अमेरिकी बंदरगाहों तक तेल और गैस की सप्लाई बिना किसी रुकावट के पहुंचती रहे।

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Jones Act की छूट क्या है और क्यों दी गई

Jones Act 1920 का एक कानून है, जिसके मुताबिक अमेरिकी बंदरगाहों के बीच सामान ढोने के लिए केवल उन्हीं जहाजों का इस्तेमाल हो सकता है जो अमेरिका में बने हों और जिनका मालिकाना हक अमेरिकियों के पास हो। इस नियम की वजह से ट्रांसपोर्ट का खर्चा बढ़ जाता है। ईरान के साथ संघर्ष और ‘Operation Epic Fury’ के कारण सप्लाई चेन बिगड़ी, इसलिए राष्ट्रपति ट्रम्प ने 17 मार्च 2026 से 60 दिन की अस्थायी छूट दी थी, जो 17 मई 2026 को खत्म होने वाली है।

तेल की सप्लाई और ईरान विवाद का असर

शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक, इस छूट की वजह से घरेलू तेल शिपमेंट में करीब 70% की बढ़ोतरी हुई है और अब तक विदेशी टैंकरों के जरिए 90 लाख बैरल से ज्यादा तेल भेजा जा चुका है। अमेरिका ने ईरान के बंदरगाहों की नाकेबंदी जारी रखी है। ट्रेजरी सचिव Scott Bessent ने साफ किया कि अमेरिकी नौसेना इस नाकेबंदी को जारी रखेगी, जिससे ईरान के खार्ग आइलैंड स्टोरेज जल्द ही भर जाएंगे।

आम जनता और एक्सपर्ट्स की राय

  • व्हाइट हाउस की प्रवक्ता Karoline Leavitt ने कहा कि इस छूट का मकसद तेल, प्राकृतिक गैस और कोयले जैसी जरूरी चीजों की सप्लाई को आसान बनाना है।
  • एनर्जी सचिव Chris Wright ने भी इस फैसले का समर्थन किया ताकि ऊर्जा संसाधनों की कमी न हो।
  • कुछ एक्सपर्ट्स और अमेरिकन मैरीटाइम पार्टनरशिप का मानना है कि इससे पेट्रोल की कीमतों में बहुत बड़ी गिरावट नहीं आएगी और इसका असर एक गैलन पर एक पैसे से भी कम हो सकता है।
Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.