अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने मेमोरियल डे के मौके पर अर्लिंग्टन नेशनल सिमेट्री में उन 13 अमेरिकी सैनिकों को श्रद्धांजलि दी है जो ईरान के साथ हुए सैन्य संघर्ष में मारे गए थे। इस दौरान डोनाल्ड ट्रम्प ने ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ के तहत अपनी जान गंवाने वाले जवानों के सम्मान में पुष्पचक्र अर्पित किया। इस समय अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते को लेकर भी पर्दे के पीछे बातचीत चल रही है जिसे लेकर ट्रम्प ने अपनी सरकार की रणनीति साफ कर दी है।

ईरान के साथ संघर्ष में कहां और कैसे मारे गए थे अमेरिकी सैनिक?

अमेरिका और ईरान के बीच इस सैन्य संघर्ष की शुरुआत 28 फरवरी 2026 को हुई थी। इसके बाद अप्रैल में दोनों पक्षों के बीच युद्धविराम लागू हुआ जो अभी भी जारी है। इस पूरे तनाव के दौरान कुल 13 अमेरिकी जवानों को अपनी जान गंवानी पड़ी थी। इस नुकसान का विवरण नीचे दी गई तालिका में देखा जा सकता है:

तारीख घटना का विवरण और स्थान मृतकों की संख्या
1 मार्च 2026 कुवैत में ईरानी हमले के दौरान अमेरिकी सैनिक मारे गए 6 सैनिक
8 मार्च 2026 सऊदी अरब में प्रिंस सुल्तान एयर बेस पर हमला हुआ 1 सैनिक
12 मार्च 2026 इराक में अमेरिकी वायुसेना का KC-135 विमान दुर्घटनाग्रस्त हुआ 6 क्रू मेंबर

शांति समझौते और परमाणु मुद्दे पर क्या हो रही है बातचीत?

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने बताया है कि परमाणु मुद्दे और होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोलने के लिए समय सीमा के भीतर गंभीर बातचीत की कोशिशें हो रही हैं। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने इस युद्ध को समाप्त करने के लिए एक 14 सूत्रीय प्रस्ताव पेश किया है। इस प्रस्ताव के तहत होर्मुज जलडमरूमध्य पर शुरुआती सहमति बनने के बाद परमाणु मामलों पर चर्चा के लिए 60 दिनों का समय मांगा गया है। हालांकि, ईरान अपनी फ्रीज की गई संपत्तियों को वापस पाने और अमेरिकी आर्थिक प्रतिबंधों को हटाने की मांग पर अड़ा हुआ है।

खाड़ी देशों की भागीदारी और ट्रम्प का नया रुख

डोनाल्ड ट्रम्प ने संकेत दिया है कि सऊदी अरब और कतर सहित छह प्रमुख मुस्लिम देशों को भी इस नए ईरान समझौते में शामिल किया जा सकता है। ईरान के राष्ट्रपति मसऊद पेज़ेश्कियान ने भी भरोसा दिलाया है कि उनका देश परमाणु हथियार बनाने की दिशा में काम नहीं कर रहा है। दूसरी तरफ, दोनों देशों के बीच जारी इस तनातनी के बीच मेक्सिको ने साल 2026 में होने वाले फीफा विश्व कप के लिए ईरानी फुटबॉल टीम की मेजबानी करने का फैसला किया है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

अमेरिका और ईरान के बीच यह सैन्य संघर्ष कब शुरू हुआ था?

यह संघर्ष 28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इसराइल द्वारा ईरान पर किए गए हवाई हमलों के साथ शुरू हुआ था, जिसके बाद अप्रैल 2026 में सीजफायर लागू किया गया।

ईरान समझौते को लेकर डोनाल्ड ट्रम्प की क्या योजना है?

ट्रम्प प्रशासन ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोकने के लिए प्रतिबद्ध है और वे सऊदी अरब तथा कतर जैसे खाड़ी देशों को भी इस शांति समझौते का हिस्सा बनाना चाहते हैं।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.