अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) की सुरक्षा के लिए नाटो और अन्य सहयोगी देशों से मदद मांगी है। इसके साथ ही उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर सैन्य गठबंधन ने इस दिशा में कदम नहीं उठाया तो उनका भविष्य खराब हो सकता है। ट्रंप के इस बयान के बाद 16 मार्च 2026 को दक्षिण कोरिया की राजधानी सियोल में अमेरिकी दूतावास के बाहर आम लोगों और कार्यकर्ताओं ने भारी विरोध प्रदर्शन किया है।

ट्रंप का अल्टीमेटम और देशों से क्या है मांग?

ईरान द्वारा 28 फरवरी 2026 से होर्मुज जलडमरूमध्य को ब्लॉक करने के बाद से मध्य पूर्व में संकट काफी बढ़ गया है। Donald Trump ने एक इंटरव्यू में नाटो देशों को सीधा अल्टीमेटम दिया है कि अगर वे इस जलमार्ग को सुरक्षित करने में मदद नहीं करते हैं, तो उनके लिए आगे का रास्ता बहुत बुरा होगा।

उन्होंने चीन और दक्षिण कोरिया जैसे देशों से भी युद्धपोत और माइनस्वीपर भेजने की सख्त मांग की है। ट्रंप का मानना है कि जो देश इस रास्ते से सबसे ज्यादा तेल मंगाते हैं, उन्हें इसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी भी लेनी चाहिए। ट्रंप ने यहां तक कह दिया है कि जो देश इस विवाद में मदद नहीं करेंगे, अमेरिका उन्हें हमेशा याद रखेगा।

सियोल में भारी प्रदर्शन और सरकार का रुख

अमेरिकी दबाव के कारण दक्षिण कोरिया में आम नागरिक भड़क गए हैं। सियोल में अमेरिकी दूतावास के बाहर जमा होकर लोगों ने अपनी सेना को मध्य पूर्व के किसी भी युद्ध में भेजने का कड़ा विरोध किया है। नागरिकों का कहना है कि वे किसी दूसरे देश के विवाद में अपनी सेना को खतरे में नहीं डालना चाहते।

दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति Lee Jae Myung की सरकार इस पूरी स्थिति की बहुत सावधानी से समीक्षा कर रही है। वहां के कानून के अनुसार, किसी भी युद्धपोत को युद्ध क्षेत्र में भेजने के लिए नेशनल असेंबली से मंजूरी लेनी पड़ती है। सरकार इस मामले पर जल्दबाजी में कोई फैसला लेने से बच रही है।

खाड़ी देशों और दुनिया पर इस विवाद का असर

होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया का एक बहुत महत्वपूर्ण व्यापारिक रास्ता है, जहां से दुनिया भर का 20 प्रतिशत तेल और एलएनजी (LNG) सप्लाई होता है। इस रास्ते के बंद होने से ऊर्जा संकट पैदा हो गया है, जिसके कारण दक्षिण कोरिया को 1997 के बाद पहली बार ईंधन की कीमतों पर कैप लगाना पड़ा है।

इस पूरे तनाव का असर खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों और यात्रियों पर भी पड़ा है। तनाव और ड्रोन हमले की घटना के बाद Dubai International Airport पर उड़ानों का संचालन अब धीरे-धीरे ही सामान्य हो रहा है। जापान और ब्रिटेन जैसे अन्य देश भी इस मुद्दे पर नजर बनाए हुए हैं और अपनी अगली रणनीति तैयार कर रहे हैं।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com