अमेरिका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने लेबनान और ईरान के मामलों पर एक बड़ा बयान दिया है। ट्रंप का कहना है कि वह लेबनान के संघर्ष पर होने वाली बातचीत को अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे युद्ध के समझौतों से पूरी तरह अलग रखना चाहते हैं। इस बीच मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ गया है क्योंकि कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर एक संदिग्ध ईरानी ड्रोन हमला हुआ है और इजरायल ने भी लेबनान में कई जगहों पर कार्रवाई की है। ट्रंप ने उम्मीद जताई है कि ईरान के साथ जल्द ही कोई समझौता हो सकता है लेकिन ईरान ने इस दावे पर असहमति जताई है।
डोनल्ड ट्रंप ने बातचीत को लेकर क्या कहा?
ट्रंप ने 3 जून 2026 को साफ किया कि लेबनान और ईरान के मुद्दे बिल्कुल अलग हैं और वह इन दोनों चर्चाओं को एक साथ नहीं मिलाना चाहते। ट्रंप ने उम्मीद जताई कि ईरान के साथ शांति समझौता बहुत करीब है और यह शायद आने वाले दिनों में हो सकता है। उन्होंने यह भी दावा किया कि उन्होंने पहली बार हिजबुल्लाह के साथ बातचीत की है और इजरायल व हिजबुल्लाह दोनों गोलीबारी रोकने पर सहमत हुए हैं। हालांकि अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने बातचीत रुकने की खबरों को खारिज किया और उम्मीद जताई कि इजरायल और लेबनान के बीच जल्द ही जंग रोकने के लिए एक साझा बयान जारी होगा।
कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हमला और जमीनी हालात
कूटनीतिक कोशिशों के बीच क्षेत्र में तनाव की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। 3 जून 2026 को कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर एक ईरानी ड्रोन हमला हुआ, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई और दर्जनों लोग घायल हो गए। इसके अलावा इजरायल ने दक्षिण लेबनान में अस्पतालों के पास हमले किए हैं जिससे वहां भारी नुकसान हुआ है। वहीं ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराक्ची ने ट्रंप की उम्मीदों के विपरीत बयान देते हुए कहा कि बातचीत में कोई खास प्रगति नहीं हुई है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर बेरूत पर हमला किया गया तो पूरे क्षेत्र में फिर से बड़े पैमाने पर युद्ध शुरू हो सकता है।
अमेरिकी संसद का फैसला और इजरायल का रुख
अमेरिका के हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स ने 3 जून 2026 को एक युद्ध शक्तियों से जुड़ा प्रस्ताव पारित किया है जिसका मकसद ईरान युद्ध के मामले में ट्रंप के सैन्य अधिकारों को सीमित करना है। दूसरी तरफ इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ट्रंप के साथ हुई एक तनावपूर्ण फोन कॉल की खबरों को सार्वजनिक रूप से ज्यादा तवज्जो नहीं दी। नेतन्याहू ने कहा कि दोनों का मुख्य लक्ष्य हिजबुल्लाह को पूरी तरह निशस्त्र करना है ताकि इजरायल और लेबनान के बीच स्थाई शांति स्थापित हो सके।
Frequently Asked Questions (FAQs)
डोनल्ड ट्रंप ने लेबनान और ईरान वार्ता को लेकर क्या कहा है?
ट्रंप ने कहा है कि लेबनान संघर्ष और अमेरिका-ईरान युद्ध की वार्ताओं को अलग-अलग रखा जाना चाहिए क्योंकि दोनों पूरी तरह से अलग तरह के मामले हैं।
कुवैत एयरपोर्ट पर क्या घटना हुई है?
3 जून 2026 को कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर एक ईरानी ड्रोन हमला हुआ, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई और दर्जनों लोग घायल हो गए।
ईरान के विदेश मंत्री का बातचीत को लेकर क्या रुख है?
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराक्ची ने कहा कि शांति वार्ता में कोई ठोस प्रगति नहीं हुई है और उन्होंने चेतावनी दी कि बेरूत पर हमला होने से युद्ध और भड़क सकता है।
