अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान के साथ चल रहे विवाद के बीच Strait of Hormuz को जल्द ही सुरक्षित कर लिया जाएगा. व्हाइट हाउस में आयरलैंड के प्रधानमंत्री के साथ मुलाकात के दौरान ट्रंप ने भरोसा जताया कि समुद्री व्यापार के लिए इस रास्ते को फिर से खोलने में ज्यादा समय नहीं लगेगा. उन्होंने यह भी साफ किया कि इस सैन्य अभियान में NATO देश अमेरिका की कोई मदद नहीं कर रहे हैं.

NATO देशों का रुख और ट्रंप का बयान

इस पूरे मामले में यूरोपीय देशों ने खुद को सीधे तौर पर सैन्य कार्रवाई से अलग रखा है. ट्रंप ने बताया कि NATO देशों ने मदद करने से इनकार कर दिया है.

  • ट्रंप ने सहयोगियों के इस फैसले को एक बड़ी गलती बताया, लेकिन यह भी कहा कि अमेरिका को उनकी जरूरत नहीं है.
  • ब्रिटेन और फ्रांस जैसे देशों ने इस क्षेत्र में अपने माइनस्वीपर जहाज भेजने से साफ मना कर दिया है.
  • हालांकि, ट्रंप ने इजराइल के समर्थन की तारीफ की है और बताया है कि UAE भी अमेरिका की अगुवाई वाले इस अभियान में शामिल होने पर विचार कर रहा है.

ईरान विवाद को लेकर क्या हैं नए अपडेट

इस सैन्य तनाव का असर अमेरिका की घरेलू और विदेशी नीति पर भी पड़ रहा है. अमेरिकी रक्षा विभाग इस इलाके में लगातार कार्रवाई कर रहा है, जिसका असर अब दिखने लगा है.

  • ट्रंप ने ईरान विवाद पर पूरा ध्यान देने के लिए अपने आगामी चीन दौरे को 5 से 6 हफ्ते के लिए टाल दिया है.
  • व्हाइट हाउस के अनुसार, अमेरिकी हमलों के बाद अब कुछ तेल टैंकरों ने इस रास्ते से गुजरना शुरू कर दिया है, लेकिन हालात अभी भी पूरी तरह सामान्य नहीं हुए हैं.
  • अमेरिका का दावा है कि 28 फरवरी 2026 से शुरू हुए इस विवाद के बाद से ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल हमलों में 90 प्रतिशत और ड्रोन हमलों में 95 प्रतिशत की कमी आई है.
  • इस बीच युद्ध के विरोध में अमेरिका के नेशनल काउंटरटेररिज्म सेंटर के डायरेक्टर जो केंट ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है, जिसके जवाब में ट्रंप ने उन्हें सुरक्षा के मामले में कमजोर बताया.
Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.