अल जज़ीरा की एक रिपोर्ट में डोनाल्ड ट्रम्प और पाकिस्तान के बीच एक खास तरह के समझौते की बात कही गई है। इसे ‘क्रिप्टो-डिप्लोमैटिक बेट’ बताया जा रहा है, जिसके जरिए डोनाल्ड ट्रम्प को करीब 500 मिलियन डॉलर मिले और पाकिस्तान को अमेरिकी प्रशासन तक पहुंच मिली। यह रिपोर्ट 3 जुलाई 2026 को जारी की गई है।

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रिपोर्ट में बताया गया है कि ट्रम्प परिवार के क्रिप्टो वेंचर World Liberty Financial (WLF) ने सिर्फ 2025 में टोकन बिक्री से 500 मिलियन डॉलर से ज़्यादा की कमाई की। इस पूरे मामले में पाकिस्तान सरकार की भूमिका भी सामने आई है। 14 जनवरी 2026 को पाकिस्तान के वित्त मंत्रालय ने SC Financial Technologies LLC के साथ एक समझौता (MoU) किया था। यह कंपनी World Liberty Financial से जुड़ी हुई है।

समझौते की मुख्य बातें

इस MoU का मकसद USD1 stablecoin का इस्तेमाल करना था, ताकि देशों के बीच पैसों का लेनदेन आसान हो सके। पाकिस्तान के वित्त मंत्री मुहम्मद औरंगज़ेब ने कहा था कि पाकिस्तान नए वित्तीय मॉडल को समझने और ग्लोबल प्लेयर्स के साथ जुड़कर आगे बढ़ना चाहता है। इस समझौते पर हस्ताक्षर के समय पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ और सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर भी मौजूद थे।

इस डील को लेकर कुछ अहम आंकड़े नीचे दिए गए हैं:

विवरण जानकारी
World Liberty Financial की कमाई 500 मिलियन डॉलर से अधिक (2025)
MoU साइन होने की तारीख 14 जनवरी 2026
इस्तेमाल होने वाला कॉइन USD1 stablecoin
वित्तीय खुलासे की तारीख 1-2 जुलाई 2026
प्रोजेक्ट की स्थिति अभी तक कोई पायलट प्रोजेक्ट शुरू नहीं हुआ

व्हाइट हाउस की प्रवक्ता अन्ना केली ने इन आरोपों को खारिज किया है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति या उनके परिवार ने किसी भी तरह के हितों के टकराव (conflict of interest) में काम नहीं किया है। उन्होंने इसे अमेरिका को दुनिया की ‘क्रिप्टो राजधानी’ बनाने की कोशिश बताया।

हालांकि, विदेशी नीति के विशेषज्ञों ने इस पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि पाकिस्तान ने इस क्रिप्टो फर्म का इस्तेमाल व्हाइट हाउस में अपना प्रभाव बढ़ाने के लिए किया। इससे पहले मई 2025 में भारत-पाकिस्तान संघर्ष के दौरान ट्रम्प द्वारा बीच-बचाव के दावे और पाकिस्तान द्वारा उन्हें नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामित करने जैसी बातें भी सामने आई थीं।

अमेरिकी सीनेट के डेमोक्रेट्स ने भी इस तरह के विदेशी निवेश पर चिंता जताई है। उन्होंने यूएई (UAE) के एक शाही परिवार द्वारा ट्रम्प परिवार की क्रिप्टो फर्मों में किए गए 500 मिलियन डॉलर के निवेश की जांच और राष्ट्रीय सुरक्षा समीक्षा की मांग की थी।